वर्ष 2013 में बनेगा राजनीति का नया समीकरण...

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नववर्ष की सुबह एक नई ताजगी के साथ नया उत्साह लेकर ग्रहों की स्थितियां बनी हुई है। ग्रहों का इशारा भी राजनीति में बदलाव का रहेगा। हमेशा की तरह सुबह धनु लग्न व कन्या नवांश के साथ चंद्र कर्क राशि में होकर बुध के नक्षत्र आश्लेषा में चौथे चरण में है। वहीं सूर्य के साथ होने से बुधादित्य योग भी बनता है।

लग्न का स्वामी इस बार वृषभ राशि में होकर केतु के साथ षष्ट भाव में होने से वर्तमान सरकार के सामने कठिनाइयों भरा समय रहेगा। लग्न व सुख जो जनता भाव के साथ घरेलू मामलों से संबंधित परेशानियां भी देगा।

आगामी समय सरकार के लिए परेशानियों के साथ बदलाव का भी रहेगा। भाग्य साथ देगा लेकिन लग्न का स्वामी वक्री होकर शुक्र की राशि वृषभ में षष्ट भाव में होने से स्वयं के कारण सरकार गिरती नजर आएगी।

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इस समय अग्नि तत्व, पृथ्वी तत्व, जल तत्व ठीक है, लेकिन चलायमान तत्व वायु कमजोर होने से प्रभाव में कमी रहेगी। शनि की सूर्य पर शत्रु दृष्टि लग्न पर होने से कुछ राजनीति के मुखियाओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। पंचम भाव व व्यय द्वादश भाव का स्वामी धन, वाणी भाव में उच्च का है वहीं पंचम भाव पर स्वदृष्टि पड़ने से अपने दिमाग व बुद्धि कौशल का सरकार उपयोग कर काफी हद तक अपने उद्देश्य में सफल भी रहेगी।

आर्थिक दृष्टि से देखा जाए तो यह वर्ष आय के मामलों में ठीक रहेगा लेकिन आय भाव का स्वामी व्यय में शुक्र के होने से खर्च भी बढ़ेगा। कुछ ऐसे कांड भी सामने आएंगे जिससे धन का दुरुपयोग सामने आएगा। जहां धन का मालिक शनि उच्च का है, वहीं धन भाव में मंगल भी उच्च का है। इस कारण धन की स्थिति इस वर्ष ठीक ही कहीं जा सकती है।

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