तुला-व्यक्तित्व
तुला अर्थात तराजू संतुलन एवं समरसता की प्रतीक है, परन्तु तुला राशि के लोग भी ऐसे होते हों, यह आवश्यक नहीं। तुला राशि के लोग उचित समय तथा स्थान की प्रतीक्षा करते हैं तथा किसी प्रश्न के सभी पहलुओं की इन्हें अच्छी जानकारी भी होती है, पर यह सभी का गुण नहीं होता है। शुक्र ग्रह का संबंध सौंदर्य, वैभव-प्रेम, पूर्ति, निराशा तथा पशुत्व से है। इसके प्रभाव से तुला राशि वालों के जीवन में अनायास ही परिवर्तन आता रहता है। उनका जीवन चक्र कभी ऊपर तथा कभी नीचे चलता रहता है। उन्हें सौंदर्य तथा न्याय की अपेक्षा रहती है। इस राशि में शनि उच्च व सूर्य नीच माना जाता है। शनि होने से मान्यता व अधिकार आदि प्राप्त होते हैं अथवा कोई बड़ा काम हाथ से बनता है। सूर्य होने पर व्यक्ति कौटुम्बिक क्लेशों में फंसा होता है अथवा किसी शारीरिक पीड़ा से कार्य करने में अयोग्य रहता है। शहर में भाग्य पनपता है किन्तु शहर के मध्य में नहीं रहना चाहिए। तुला राशि के लोग मानवतावादी, अपनी संस्कृति के अनुरागी तथा मानवीय दुर्बलताओं से युक्त होते हैं। वह अत्यधिक सरल भी हो सकते हैं और कठोर भी। दूसरों की समस्याओं का समाधान करने में वह सफल होते हैं। परन्तु अपनी समस्याओं का समाधान करने में असफल रहते हैं। तुला राशि के व्यक्ति, लोगों के कथन तथा प्रशंसा को सुनकर उनके विषय में निर्णय लेता है। वह सरलता से बचने की चेष्टा करता है तथा कठिनाइयों को हल करते समय बहुत सावधान रहता है। कार्यकुशल भी हो सकता है, परन्तु व्यावहारिक नहीं। वह सिद्धांतों के लिए अपनी इच्छाओं का बलिदान कर सकता है तथा किसी भी दण्ड को सहन करने के लिए प्रस्तुत हो सकता है। तुला राशि के पुरुष को चिड़चिड़ापन पसंद नहीं होता। उसे संकट के समय में भी प्रसन्नतापूर्वक साथ देना चाहिए। वह अपनी कीमत पर भी कलाओं को प्रोत्साहन देता है। वह सुरुचि प्रिय तथा आत्म-प्रशंसा का भी इच्छुक होता है तथा उसे मूर्ख नहीं बनाया जा सकता है। तुला राशि के पुरुषों को प्रायः यह भय सताया करता है कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है तथा उनमें पुरुषत्व की कमी है। इसी प्रकार तुला राशि वाली स्त्री भी स्वयं को अनाकर्षक दिखने के भय से चिंतित रहती है। तुला राशि का पुरुष भावुक होता है। वह प्रशंसा का इच्छुक होता है तथा प्रेम किए जाने पर सभी आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकता है। तुला राशि वाले प्रसन्नमुख हुआ करते हैं। उनका घर कलात्मक तथा सजा हुआ रहता है। तुला राशि के व्यक्ति को अपनी मानसिक शक्तियों पर दृढ़ विश्वास होता है। वह दूरी की बाधाओं को पार कर दूसरों के विचारों को जान लेने में कुशल होता है। औरों की तुलना में वह अपने को प्रशंसित करना तथा दूसरों के अधिक काम आना चाहता है। तुला राशि का व्यक्ति दूसरों की ईर्ष्या की चिंता नहीं करता है। वह उन लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है, जो उसके शैक्षिक अथवा सामाजिक स्तर को प्राप्त नहीं कर पाए हैं। तुला राशि के लोग अच्छे मित्र, शांतिप्रिय साथी, उदार हृदय तथा प्रशंसा के इच्छुक होते हैं। उनमें एक प्रकार की विशिष्ट रागात्मक समझ होती है। प्रेम उनके जीवन का एक आवश्यक अंग होता है। तुला राशि वालों को संगीत से प्रेम होता है। सभी प्रकार के कार्य क्षेत्र में उसकी रुचि रहती है। अपने कार्यक्षेत्र में उसके लिए दिशा निर्धारण करना कठिन होती है। वह समय-समय पर अपना दृष्टिकोण बदलता रहता है। ये इस संबंध में विशेष चिंतित रहते हैं कि ये उचित कार्य कर रहे हैं या नहीं? वह मित्रता को प्रेम समझने की भूल भी कर बैठते हैं, जिसके कारण उन्हें पश्चाताप का भागी बनना पड़ता है। ये लोग एक साथ ही प्रेम और घृणा कर सकते हैं। उनका जीवन विरोधाभास भरा होता है। कार्य करना बहुत प्रिय है, पर इन्हें हाथों के गंदे हो जाने का भय भी लगा रहता है। ये बड़े जनसमूह को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं, किसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी शक्ति से लड़ सकते हैं, कठिनाई तथा संकट में भी न्याय को जीवित रखना चाहते हैं तथा इन्हें शत्रुओं का भय नहीं होता है। ये अपने कार्य में काफी होशियार रहते हैं। जमानत के कारण या विश्वास रखने के कारण इन्हें धोखा उठाना पड़ता है। ये भाषण देने में चतुर होते हैं। कुछ व्यक्ति ऐसा भी काम कर जाते हैं, जिससे मृत्यु के बाद भी उनकी ख्याति बनी रहती है। व्यवहार में साफ रहते हैं। ।

राशि फलादेश