अनिरुद्ध जोशी

ज्योतिष, धर्म और योग के अलावा समसामयिक विषयों पर लेखन
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर तीज मनाई जाती है। ये तिथि चैत्र मास की नवरात्र में आती है। इसे गौरी तृतीया...
आप यह तो जानते ही हैं कि रामायण काल के श्री हनुमानजी, श्री जामवंतजी और मयासुर, परशुराम और दुर्वासा ऋषि सहित कई लोग महाभारत...
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 13 अप्रैल से प्रारंभ हो चुकी जो 22 अप्रैल तक रहेगी। यदि आप नवरात्रि का व्रत रख रहें हैं तो आपको...
13 अप्रैल 2021 से हिन्दू कैलेंडे के अनुसार नववर्ष प्रारंभ होगा। इस नववर्ष को चैत्र प्रतिपदा, युगादि, गुड़ी पड़वा और नवसंवत्सर...
हिन्दू कैलेंडर सौरमास, चंद्रमास, नक्षत्रमास, सावनमास आदि में से चंद्र मास के अनुसार हिन्दू नववर्ष चैत्र माह से प्रारंभ...
एक वर्ष में होती है 4 नवरात्रियां। चैत्र माह में चैत्र नवरात्रि, चौथे माह आषाढ़ में दूसरी नवरात्रि होती है जिसे गुप्त...
नवरात्रि की अष्टमी को आठम या अठमी भी कहते हैं। नवरात्रि की अष्टमी को महाष्टमी या दुर्गाष्टमी कहते हैं जो कि बहुत ही...
देवी पुराण के अनुसार एक वर्ष में चार माह नवरात्र के लिए निश्चित हैं। वर्ष के प्रथम महीने अर्थात चैत्र में प्रथम नवरात्रि...
अच्छी आदत से अच्छा होगा और बुरी आदत से बुरा। जरूरी नहीं कि आप बुरी आदतों के शिकार बन गए हों और आप उन्हें छोड़ना चाहते...
प्रभु श्रीराम का जन्म कब हुआ इसको लेकर पुराणों के विद्वान, ज्योतिष और इतिहासकारों में मतभेद है। परंतु परंपरा से ही...
कोविड-19 कोरोना वायरस के दौर में घर पर ही रहना पड़ रहा है। बहुत से लोगों वर्क फ्रॉम होम है। ऐसे में ना तो पैदल चलना, दौड़ना,...
शिवपुराण अनुसार भगवान विष्णु ने पूरे जगत के सुख और कामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान विश्वकर्मा को अलग-अलग तरह के शिवलिंग...
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह अंतिम माह होता है इसके बाद चैत्र माह का प्रारंभ हो जाता है। इस बार चैत्र माह का...
सोमवार के देवाता भगवान शिव और चंद्रदेव हैं। इस दिन चंद्र दोष को ठीक किया जा सकता है। चंद्र ग्रह हमारे मन और माता का प्रतीक...
राक्षसराज रावण महापंडित था। उसकी विशाल सेना थी और उसने कई युद्ध लड़े थे। भगवान राम ने उसका वध कर दिया था। महर्षि विश्रवा...
आयुर्वेद प्रकृति के अनुसार जीवन जीने की सलाह देता है। आयुर्वेद मानता है कि हमारी अधिकतर बीमारियों का जन्म स्थान हमारा...
लाल किताब के अनुसार आचरण का शुद्ध होना जरूरी है। अन्यथा धन, संपत्ति, बरकत तो चली ही जाती है साथ ही रोग और शोक भी पीछा पकड़...
58 ईसा पूर्व राजा विक्रमादित्य ने खगोलविदों की मदद से पूर्व प्रचलित कैलेंडर और हिन्दू पंचांग पर आधारित एक कैलेंडर को...
मुख्‍यत: काल भैरव और बटुक भैरव की पूजा का प्रचलन है। श्रीलिंगपुराण 52 भैरवों का जिक्र मिलता है। मुख्य रूप से आठ भैरव माने...
अयोनिजा का अर्थ होता है वह व्यक्ति जिसका जन्म किसी गर्भ से नहीं हुआ हो। अर्थात गर्भ से बाहर किसी विशेष परिस्थिति में...