आचार्य राजेश कुमार

दिव्यांश ज्योतिष केंद्र, लखनऊ
माता सरस्वती की पूजा-अर्चना आदि करने से मन शांत होता है व वाणी में अच्छा निखार आता है।
तुलसीदास ने रामायण के उत्तर कांड में अवध पुरी की शोभा का वर्णन करते हुए मूंगा, पन्ना, स्फटिक और हीरे आदि रत्नों का उल्लेख...
साल 2021 के आरंभ में जहां शनि, सूर्य देव के नक्षत्र उत्तराषाढ़ा में रहेंगे, वहीं 22 जनवरी को श्रवण नक्षत्र में प्रवेश करेंगे।...
मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उनके घर जाते हैं।
मकर संक्रांति के समय नदियों में वाष्पन क्रिया होती है। इससे तमाम तरह के रोग दूर हो सकते हैं। इसलिए इस दिन नदियों में...
मकर संक्रांति हिन्दू धर्म का अति महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस साल मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी 2021 को मनाया जाएगा।...
मकर संक्रांति पर सूर्य का प्रवेश मकर राशि में होता है और इसका हर राशि पर भी गहरा प्रभाव होता है। आइए जानिए इस प र्व का...
आज हम सबसे मंद गति से चलने वाले और कर्मफल दाता शनिदेव के वर्ष 2021 के गोचर और उनके ज्योतिष नजरिए से होने वाले असर का विश्लेषण...
यहां प्रस्तुत भविष्यवाणी 2021 चन्द्र राशि, लग्न तथा वैदिक ज्योतिष के आधार पर है। आइए जानते हैं क्या कहती है आपकी राशि...
पंचांग की मानें तो जबसे सूर्य बृहस्पति की राशि में प्रवेश करता है तभी से खरमास या मलमास प्रारंभ हो जाता है।
भगवान शिव को रुद्र कहा गया है और उनका रूप शिवलिंग में देखा जाता है। इसका अर्थ हुआ शिवलिंग पर रुद्र के मंत्रों के द्वारा...
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। कैसे करें सरल पूजन/ अत्यधिक बीमारियों का समय चातुर्मास,...
ज्योतिष के अनुसार ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति का जीवन उसकी जन्म कुंडली के अनुसार चलता है। कब अच्छा समय आएगा और कब समस्याओं...
वर्ष 2003 के पश्चात पुन: शनिवार, 14 नवंबर 2020 को मनाई जाएगी दिवाली। गृहस्थ और व्यापारी वर्ग के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त।
दिवाली की शाम को पूजा स्थल पर एक चौकी बिछाएं। इसके बाद गंगाजल डालकर चौकी को साफ करें। इसके बाद भगवान गणेश और मां लक्ष्मी...
शनिवार, 14 नवंबर 2020 को मनाई जाएगी दिवाली। गृहस्थ और व्यापारी वर्ग के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त।
इस बार मातारानी स्वर्ग से धरती घोड़े पर सवार होकर आई हैं। पुन: प्रारंभ हो गए शुभ दिन। इसके पूर्व ऐसा शुभ संयोग 1962 में पड़ा...
कई साधक अलग-अलग तिथियों को जिस देवी की हैं, उनकी साधना करते हैं, जैसे प्रतिपदा से नवमी तक क्रमश: देवियां और उनके मंत्र-
मलमास, अधिक मास अर्थात पुरुषोत्तम मास (18 सितंबर 2020 से 16 अक्टूबर 2020) का महत्व, पौराणिक आधार क्या है
अधिकमास में किए गए धार्मिक कार्यों का किसी भी अन्य माह में किए गए पूजा-पाठ से 10 गुना अधिक फल मिलता है। यही वजह है कि श्रद्धालु...