आत्माराम यादव 'पीव'

वरिष्ठ पत्रकार
होशंगाबाद में चौबीसों घं‍टे नर्मदा के दिल को चीरकर रेत चोरी की जा रही है। नर्मदा के उद्गम से खंभात की खाड़ी
मध्‍यप्रदेश की हृदयस्‍थली पुण्‍य सलिला मां नर्मदा के तट होशंगाबाद से सीहोर जिला सटा है। सीहोर जिले की बुदनी तहसील...
2 दिसंबर 1984 की शाम 5 बजे की बात है, मैं तब भोपाल कोर्ट में अपना काम निपटाकर छोला स्थित लोकोशेड रेलवे कॉलोनी में काकी के पास...
ऐतिहासिक तथा सांस्‍कृतिक दृष्टि से प्राचीन, नर्मदापुर तथा आधुनिक काल में होशंगाबाद जिले का महत्‍वपूर्ण स्‍थान रहा...
एकादशी का व्रत और उसके माहात्म्य से सभी बखूबी परिचित है जिनमें चिरकाल से भारतीय परंपरा में देव प्रबोधिनी एकादशी को...
मुझको हंसना आता नहीं है, दु:ख में बीता सारा बचपन, जीवन मुझको भाता नहीं है। मुझको हंसना...
सजदे करता था मैं श्रीराम तुमको, हंसके कह देते थे तुम अपने गम को, नहाने को गए तुम जब मुलाकात करके, जुदा हो गए सदा के लिए न...
शीत ऋतु की विदाई एवं ग्रीष्म ऋतु के आगमन की संधि बेला में युगल मन प्रणय के मधुर सपने संजोए मौसम के साथ अजीब हिलौरे महसूस...
होली शाश्वत काल से बुराइयों को दग्ध कर अच्छाइयों को ग्रहण करने का संदेश देती आ रही है जिससे कि वर्षभर एकत्र विकारों...
हे पत्थरों की इबादत करने वालों... मैं तुम्हें सजीवन नहीं कहता हूं, तुम होंगे सजीव अपने में, पर मैं अजीब नहीं कहता हूं।
प्रणय बंधन का अलौकिक आनन्द प्रिय स्मृति हर पल आता है है गणना में बीते हुए पल चन्द
हे जग तूने खूब दिए है निज अनुभव सुखी बनाने के किस तरंग से, किस वृत्ति से या आता सुख मयखाने से। क्या राह मिले की दौलत है...
देखता हूं मैं, ये बात कितनी अजीब है चन्द्र और सूर्य गगन में आज कितने करीब है। सूर्य किरण शर्माती लाल हो रही है
बधाई हो, तुम्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है, यह सुनकर हरेक पिता के पोर-पोर में एक अनचाही खुशी की उमंग दौड़ पड़ती है और...
शर्मे हयात गर तू यूं करती रही जिन्दगी की पतवार फिर, न संभले कभी बीत जाएगी जिन्दगी मेरी, फिर उस जहां में जहां हुस्ने-मलिकाएं...