डॉ. रामकृष्ण सिंगी

डॉ. रामकृष्ण सिंगी ने मध्यप्रदेश के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में 40 वर्षों तक अध्यापन कार्य किया तथा 25 वर्षों तक वे स्नातकोत्तर वाणिज्य विभागाध्यक्ष व उप प्राचार्य रहे। महू में डॉ. सिंगी का निवास 1194 भगतसिंह मार्ग पर है। डॉ. सिंगी देवी अहिल्या विश्वविद्‍यालय इंदौर (मप्र) के वाणिज्य संकाय के डीन पद पर 1991 से 1993 तक रहे। डॉ. सिंगी की चारों वेद, गीता, उपनिषद्‍, अठारह पुराण पर पुस्तकें प्रकाशित हुईं। उनके तीन कविता संग्रह इन्द्रधनुष, लहरें, प्रवाह के अतिरिक्त जीवन उपयोगी सूत्र पर 'अच्छा जीवन जीने के लिए' एक पुस्तक का प्रकाशन भी हुआ।
होली हो ओछी राजनीति की, टुच्चे बयानों की होली हो। येन-केन सत्ता हथियाने के बेशर्म अरमानों की होली हो।।
हमारी दक्ष कूटनीति की यह सचमुच बड़ी विजय है। रूस हो, चीन या अमेरिका सभी से हमारे संबंधों में समन्वय है।।
यह सर्दी बरपा रही है कैसा कहर। आलम को गिरफ्त में लिए है शीतलहर। ठिठुरन के आगोश में हर बस्ती, गांव, शहर। पारा और भी गिर-गिर...
महाराष्ट्र में तीन होटलों में रुकी थी तीन बारातें। बारातियों से बाहर वालों के मिलने के लाले थे || क्योंकि अन्दर की सरगर्मी...
अंततः मुबारक महाराष्ट्र को एक तिमुही सरकार। एक राजनीतिक मंडप जिसके हैं तीन मुख्य द्वार ||
ये (नेता) क्या कभी बाज आएंगे अपनी शाश्वत घिनौनी फितरत से।
वर्षा ने भर दिये ताल सब, नदियां हुईं लबालब। खेत हुए सरसब्ज सभी, उगेंगी सब फसलें अब
इस बार की दीपावली कुछ अधिक ही सुनहरी होगी। अनुगुंजित 370/राफेल / राममंदिर की सफलताओं की स्वर लहरी होगी ...
सुरक्षा की आधुनिकतम युक्ति तुम। अचूक प्रहार की मारक शक्ति तुम। किसकी ताब है अब सके तुम्हारी मार झेल। स्वागतम् राफेल।।
गूंजेगी भारत माता की जय अमेरिका के मंच से। दस गुना होगी भारी जो हर पाकिस्तानी प्रपंच से।। 370 से उभरी आत्मनिश्वासी हुंकारों...
'उनका' संकल्प है कि भेजकर ही रहेंगे वे, हर भ्रष्टाचारी को जेल की सलाखों में।
चंद्रयान 2 पर कविता- भारत की इंजीनियरिंग तपस्या का प्रतीक हमारा चंद्रयान, जब यकायक ओझल हुआ संपर्क से अंतिम क्षणों में।...
मोदी के कर्मठ महाकाश के टूट गए सितारे दो। भारत के दो उज्ज्वल नक्षत्र, कर्मक्षेत्र के उजियारे दो।।
अंतरिक्ष में भारत की ऊंची उड़ान। हमारा चन्द्रयान!! भारत का गौरव, इसरो की क्षमताओं का प्रमाण।
लो! अब कश्मीर में भी नए दौर की गूंजेगी शहनाई। बधाई मोदीजी को, शाह को, सौ-सौ बार बधाई।।1।।
तीन तलाक़ कानून अन्त है एक कुप्रथा का। अन्याय से पीड़ित, बेबस, अबलाओं की व्यथा का।।
एक देश ऐसा है, जो अपने देश में ही गुलाम है। आर्मी के आदेश पर जहां की सुबह और शाम है।।
एक ताज को उपयुक्त सिर की तलाश है। सभी घाघ चुप्पी साधे हैं मौन। डूबते जहाज का स्टीयरिंग थामे कौन।।
बादलों से उतरी झमाझम बौछार से। अंबर से धरती पर बरसते प्यार से। प्रकृति के हरियालिवी श्रृंगार से। गुदगुदाती पवन के संग...
जिनकी आपस की TUNING शब्दातीत, बेथाह। एक तिलस्मी-सी जोड़ी है- मोदी-शाह।।1।।