श्रवण गर्ग

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं
अमेरिका में इस वक्त ख़ंदकों की लड़ाई सड़कों पर लड़ी जा रही है। दुनिया भर की नज़रें भी अमेरिका पर ही टिकी हुईं हैं। कोरोना...
देश जब दिक्कतों का सामना कर रहा हो, जनता या तो घरों में बंद हो या सड़कों पर पैदल चल रही हो, आपदा प्रबंधन के तहत सारी शक्तियां...
खबरें दो हैं और दोनों के उद्गम स्थल भी अलग-अलग हैं पर संयोग कुछ ऐसा है कि टाइमिंग एक है और इसीलिए दोनों को एक ही चश्मे...
गुजरात उच्च न्यायालय ने जब पिछले सप्ताह एक स्व-प्रेरित जनहित याचिका पर संज्ञान लेते हुए अपने 143 पृष्ठों के ऑर्डर में...
बिहार में दरभंगा क्षेत्र के एक छोटे से गांव की पंद्रह-वर्षीय बहादुर बालिका ज्योति कुमारी पासवान के अप्रतिम साहस और...
कोरोना की वैक्सीन तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री केयर्स फंड से सौ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इस बीच खबरें...
एक सवाल जो अब तक पूछा नहीं गया है और जिसे संवेदनशीलता के साथ उठाया जाना चाहिए वह यह है कि इस समय ‘ज़्यादा’ ज़रूरी क्या...
सरकार के कई मंत्री और उच्च पदाधिकारी इन दिनों हिंदी-अंग्रेज़ी के बड़े अख़बारों में नियमित रूप से आलेख लिख रहे हैं।...
इस समय सारे अधिकार केंद्र सरकार के हाथों में हैं। होना भी चाहिए। परिस्थितियां ही कुछ ऐसी हैं। कब तक ऐसी चलेंगी यह भी...
क्या हम नब्बे दिन बाद ही पड़ने वाले इस बार के पंद्रह अगस्त पर लाल क़िले की प्राचीर से प्रधानमंत्री के तिरंगा फहराने...
लाखों की संख्या में जो मज़दूर इस समय गर्मी की चिलचिलाती धूप में भूख-प्यास झेलते हुए अपने घरों को लौटने के लिए हज़ारों...
आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि लॉकडाउन खोलने को लेकर नागरिकों के मन में जैसी चिंताएं हैं वैसी उन लोगों के मनों में बिलकुल...
आश्चर्य व्यक्त किया जा सकता है कि एक बहुत ही महत्वपूर्ण ख़बर को या तो ग़ैर-इरादतन या फिर पूरी तरह से सोच-समझकर बहस में...
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब अपने राज्य के प्रवासी मज़दूरों के वापस लौटने के प्रति विरोध जताया था और योगी...
पूरे कोरोना संकट के दौरान आश्चर्यजनक रूप से केवल सरकारों की ही ज़िम्मेदारी की बातें हुईं हैं, नागरिकों की भूमिका पर...
हम जो कुछ भी इस समय अपने ईर्द-गिर्द घटता हुआ देख रहे हैं उसमें नया बहुत कम है, शासकों के अलावा। केवल सरकारें ही बदलती जा...
‘लॉकडाउन’ दो सप्ताह के लिए और बढ़ गया है। खबर से किसी को कोई आश्चर्य नहीं हुआ। होना भी नहीं था। लोग मानकर ही चल रहे थे...
क्या हम सोच पा रहे हैं कि हमारे घरों और पास-पड़ौस में जो छोटे-छोटे बच्चे बार-बार नज़र आ रहे हैं उनके मनों में इस समय क्या...
इससे पहले कि प्रधानमंत्री, सूबों के मुख्यमंत्री या ज़िले का कोई बड़ा अधिकारी अपने किसी संदेश अथवा सूचना के साथ हमसे...
प्रधानमंत्री ने अपने ‘मन की बात’ की बात एक बार फिर पूरी कर ली। सुनने के बाद लोग काफ़ी हल्के भी हो गए। रविवार को दस बजने...