बॉलीवुड 2011 : टॉप 10 फिल्म

व्यवसाय की दृष्टि से देखा जाए तो बॉलीवुड के लिए वर्ष 2011 अच्छा रहा। खासतौर पर जुलाई का महीना किसी उत्सव से कम नहीं था। इस महीने हर हफ्ते एक हिट फिल्म मिली। लगातार चार फिल्में कब हिट हुई थी, याद नहीं पड़ता। सफल फिल्मों का प्रतिशत इसलिए भी बढ़ा कि निर्माता अब थिएटर्स की आय पर ही निर्भर नहीं रह गए हैं। सैटेलाइट, म्युजिक और वीडियो राइट्स के कारण कई ऐसी फिल्में भी सफल फिल्मों की श्रेणी में आ गईं जिन्होंने अपनी लागत का केवल 30 से 40 प्रतिशत सिनेमाघरों से वसूला। सारा बिज़नेस अब पहले वीकेंड पर निर्भर हो गया है, लिहाजा पहले तीन दिन तक भीड़ खींचने के लिए प्रचार को बहुत महत्व दिया जाने लगा है और अब तक दुर्लभ रहने वाले फिल्म स्टार्स अब तमाम छोटे-बड़े शहरों में जाकर लोगों से मिल रहे हैं।

सुपर हिट
फिल्म इंडस्ट्री को इस वर्ष चार सुपरहिट फिल्में मिलीं। बॉडीगार्ड, सिंघम और रेडी ने 100 करोड़ से भी ज्यादा की कमाई की और वर्ष के आखिर में नायिका प्रधान ‘द डर्टी पिक्चर’ की कमाई ने ट्रेड विशेषज्ञों को चौंका दिया। हालांकि यह फिल्म 100 करोड़ के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाएगी, लेकिन फिल्म की लागत और स्टार वैल्यू को देखते हुए इसे सुपरहिट माना जा रहा है। बॉडीगार्ड ने तो पहले सप्ताह में ही 100 करोड़ रुपये की कमाई के आंकड़े को छू लिया।

हिट
हिट फिल्मों की लिस्ट देखने पर पता चलता है कि दर्शक किसी खास जोनर की फिल्म ही पसंद नहीं करते हैं। उन्हें मनोरंजन चाहिए चाहे वो कॉमेडी हो या एक्शन। हिट फिल्मों की श्रेणी में इस वर्ष जहां मेरे ब्रदर की दुल्हन और तनु वेड्स मनु में कॉमेडी और रोमांस था तो मर्डर 2 में डर और रोमांच का तड़का था। यमला पगला दीवाना शुद्ध कॉमेडी फिल्म है तो देल्ही बैली में अपशब्दों की भरमार थी। जिंदगी ना मिलेगी दोबारा में एक किस्म की गंभीरता थी। हॉरर फिल्म ‘हांटेड’ को थ्री-डी में होने का लाभ मिला। वर्ष के अंत में रिलीज हुई डॉन 2 में एक्शन और रोमांच है। इन सभी फिल्मों को दर्शकों ने सराहा और बॉलीवुड को यह संदेश दिया कि उन्हें कुछ नया भी चाहिए तो फॉर्मूलों से भी परहेज नहीं है, शर्त ये है कि एंटरटेनमेंट जरूरी है।

औसत
लेडिस वर्सेस रिकी बहल को आय के अन्य स्रोतों ने बचा लिया क्योंकि सिनेमाघरों में इसका व्यवसाय कुछ खास नहीं है। फाल्तू की सफलता चौंकाने वाली रही और कम लागत वाली बात इसके लिए फायदेमंद रही। रागिनी एमएमएस बोल्ड कथानक और चर्चा के कारण औसत सफलता हासिल कर सकी। नो वन किल्ड जेसिका ने इस मिथक को तोड़ा कि हीरोइन प्रधान फिल्म और वर्ष के पहले सप्ताह में रिलीज होने वाली फिल्म नहीं चलती हैं। थैंक यू बड़े बजट की होने के बावजूद औसत सफलता ही हासिल कर सकी। ऐसा ही हाल रॉकस्टार का भी रहा, फिल्म इंडस्ट्री इससे सुपरहिट होने की उम्मीद लगाए बैठी थी। रा.वन के जरिये शाहरुख ने भले ही अपनी जेबें भर ली हों, लेकिन उन वितरकों को नुकसान उठाना पड़ा जिन्होंने बहुत ज्यादा दाम चुकाकर यह फिल्म खरीदी थी। फिल्म की लागत और व्यवसाय को देखते हुए इसकी सफलता को औसत ही माना जाएगा, भले ही फिल्म ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है। धोबी घाट ने भी अपनी लागत से ज्यादा कमाए।

नाम बड़े और दर्शन छोटे
देसी बॉयज, मौसम, रास्कल्स, दम मारो दम, गेम, सात खून माफ, आरक्षण, पटियाला हाउस और टेल मी ओ खुदा जैसी फिल्मों से बड़े नाम जुड़े हुए थे, लेकिन दर्शकों ने इन फिल्मों को नकार दिया। बड़े बजट की ये फिल्में बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरीं।

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वर्ष 2011 की टॉप 10 फिल्में
1) बॉडीगार्ड-
ईद पर रिलीज हुई इस फिल्म को फिल्म समीक्षकों ने साधारण माना, लेकिन सलमान खान के स्टारडम ने दर्शकों पर जादू कर दिया। फिल्म ने 136 करोड़ रुपये की कमाई की। सिद्दकी निर्देशित बॉडीगार्ड की सफलता ने साबित किया कि एक सितारा अपने दम पर फिल्म को कामयाब बना देता है।

2) रेडी -
सलमान की एक और हिट फिल्म। रेडी एक फैमिली ड्रामा है, जिसमें रोमांस और एक्शन का तड़का है। यह फिल्म जब रिलीज हुई तब कोई त्योहार या छुट्टियां नहीं थी, इसके बावजूद इसे शानदार ओपनिंग मिली। फिल्म ने लगभग 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की।

3) सिंघम -
फिल्म इंडस्ट्री में रोहित शेट्टी को अब रो-हिट शेट्टी कहा जाता है क्योंकि वे लाइन से सफल फिल्में दे रहे हैं। अजय और रोहित का कॉम्बिनेशन एक बार फिर सफलता की गारंटी बना। लंबे समय बाद अजय ने एक्शन फिल्म की और बॉक्स ऑफिस पर सिंघम जमकर दहाड़ा।

4) द डर्टी पिक्चर-
यदि कंटेंट उम्दा हो तो बिना बड़े हीरो के भी फिल्म सफल हो सकती है। ‘द डर्टी पिक्चर’ इसका उदाहरण है। मिलन लथुरिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म सेक्स बम सिल्क स्मिता की लाइफ पर आधारित है। विद्या बालन की सेक्स अपील को देख दर्शकों के मुंह से ‘ऊह ला ला’ निकल गया।

5) मर्डर 2 -
मर्डर ब्रांड ने कमाल कर दिया। इमरान हाशमी की फिल्म को जोरदार स्टार्ट मिला। मधुर संगीत, सेक्स और रोमांच को मिलाकर पेश करने में भट्ट बंधुओं का कोई जवाब नहीं है। निर्देशक मोहित सूरी और इमरान की बड़ी हिट फिल्मों में से एक।

6) तनु वेड्स मनु-
शादी पर आधारित एक और सफल फिल्म। नॉर्थ इंडिया में रहने वाली एक विद्रोही लड़की के रूप में कंगना ने जानदार अभिनय किया। आनंद एल. राय द्वारा निर्देशित 15 करोड़ रुपये की इस फिल्म ने अपनी लागत से दोगुना मुनाफा कमाया।

7) जिंदगी ना मिलेगी दोबारा -
यह फिल्म धीरे-धीरे और लंबे समय तक मल्टीप्लेक्सेस में जमी रही। जिंदगी के प्रति सकारात्मक सोच पैदा करने वाली इस फिल्म को जोया अख्तर ने निर्देशित किया। रितिक, कैटरीना, फरहान और अभय का अभिनय, सधा हुआ निर्देशन, मधुर संगीत और आंखों को सुकून देने वाले लोकेशन दर्शकों को अच्छे लगे।

8) देल्ही बैली -
फिल्म रिलीज होने के पहले आमिर खान भी डर गए थे कि कहीं उनकी वर्षों की इमेज को यह फिल्म चौपट ना कर दे। लोग सेंसर की मेहरबानी पर हैरान थे कि क्या उसके सदस्य फिल्म पास करते समय सो गए थे। साधारण कहानी को गालियों में लपेटकर फिल्म के निर्देशक अभिनय देव ने पेश किया। युवाओं को यह फिल्म खूब पसंद आई और निर्माता के रूप में आमिर की धाक और जम गई।

9) यमला पगला दीवाना -
लंबे समय से रूठी हुई सफलता की देवी देओल परिवार पर मेहरबान हुई। तीन देओल, पंजाब का माहौल और कॉमेडी का तड़का काम कर ‍गया। समीर कर्णिक द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने खासतौर पर उत्तरी भारत में भारी सफलता हासिल की।

10) डॉन 2 -
डॉन-2 ने बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत की। मिक्स रिपोर्ट आई, लेकिन धीरे-धीरे इस फिल्म ने सफल फिल्मों की सूची में अपना स्थान बना लिया। विदेश में शाहरुख को बेहद पसंद किया जाता है, जिसका लाभ फिल्म को मिला। भारत के साथ-साथ विदेश में इस फिल्म ने जबरदस्त व्यवसाय किया।

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