ऐ दिल है मुश्किल नहीं... शिवाय लगाना चाहते हैं सिनेमाघर वाले

शिवाय और ऐ दिल है मुश्किल इस दिवाली पर प्रदर्शित हो रही हैं। जब भी दो बड़ी फिल्में प्रदर्शित होती हैं तो सिनेमाघरों की मारामारी होती है।

विवाद कितना बढ़ जाता है, इसका उदाहरण है जब तक है जान और सन ऑफ सरदार। ये दोनों फिल्में भी दिवाली पर प्रदर्शित हुई थीं और सिनेमाघर के बंटवारे को लेकर विवाद इतना गहरा गया था कि 'सन ऑफ सरदार' के निर्माता अजय देवगन अदालत पहुंच गए थे। 
 
इस बार भी सिनेमाघरों की मारामारी है, लेकिन अचानक कुछ सिनेमाघर मालिकों, खासतौर पर सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर वाले, का रुख बदल गया है। वे 'ऐ दिल है मुश्किल' के बजाय 'शिवाय' को प्राथमिकता दे रहे हैं। 
 
इसकी मुख्य वजह है, पिछले दिनों हुआ विवाद। कुछ राजनीतिक दलों ने कहा है कि 'ऐ दिल है मुश्किल' को प्रदर्शित नहीं होने देंगे क्योंकि इसमें पाकिस्तानी अभिनेता फवाद खान हैं। ऐन मौके पर फिल्म प्रदर्शित नहीं होती है तो जिन्होंने इस फिल्म को अपने सिनेमाघर के लिए बुक कर रखा है, वे शिवाय से भी हाथ धो बैठेंगे। 
यदि फिल्म प्रदर्शित भी होती है तो इस बात की भी कोई गारंटी नहीं है कि राजनीतिक दल सिनेमाघर के सामने प्रदर्शन करेंगे। वे सिनेमाघर को हानि पहुंचा सकते हैं। दर्शक भी ऐसा माहौल देख सिनेमाघर की तरफ रुख नहीं करेंगे। लिहाजा 'ऐ दिल है मुश्किल' को लेकर सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर के मालिक हिचक रहे हैं।
 
वे इसके बजाय 'शिवाय' को प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि शिवाय को लेकर कोई विवाद नहीं है।
 

वेबदुनिया पर पढ़ें