कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में ब्रिटेन ने बनाई नई रणनीति

गुरुवार, 14 मई 2020 (17:04 IST)
लंदन। इंग्लैंड में स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक ऐसी नई एंटीबॉडी जांच को मंजूरी दी है जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि कोई व्यक्ति पूर्व में कोरोना वायरस से संक्रमित रहा है या नहीं। 
 
पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने बताया कि स्विट्जरलैंड की दवा कंपनी रोशे द्वारा विकसित यह जांच ‘बहुत ही सकारात्मक उपलब्धि है।
 
इसमें रक्त की जांच कर एंटीबॉडीज के जरिए यह देखा जाता है कि क्या व्यक्ति पहले कभी वायरस से संक्रमित था और अब उसमें इससे लड़ने की कुछ क्षमता हो सकती है।
 
ब्रिटेन कोरोना वायरस जांच कार्यक्रम के राष्ट्रीय संयोजक प्रोफेसर जॉन न्यूटन ने कहा कि यह बहुत ही सकारात्मक उपलब्धि है क्योंकि ऐसी सटीक एंटीबॉडी जांच पूर्व के संक्रमण का पता लगाने के लिए काफी विश्वसनीय है। द गार्जियन की खबर के अनुसार 40,000 से अधिक लोग कोरोना वायरस के कारण जान गंवा चुके हैं।
 
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी इस जानलेवा विषाणु के खिलाफ लड़ाई में ऐसी एंटीबॉडी जांच को मील का पत्थर करार दिया था।
 
स्वास्थ्य एवं सामाजिक देखभाल विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि एंटीबॉडी जांच कोरोना वायरस को फैलने से रोकने और यह समझने में मदद करने की हमारी रणनीति का अहम हिस्सा है कि किसे यह बीमारी रही है। 
 
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैंकॉक ने गत सप्ताह कहा था कि उनका देश कोरोना वायरस एंटीबॉडी जांच व्यापक पैमाने पर कराने के लिए दवा कंपनी रोशे के साथ बातचीत कर रहा है। (भाषा)

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