National Mountain Climbing Day 2021: जानिए क्यों मनाया जाता है पर्वतारोहण दिवस, दो मित्रों की है कहानी

दुनिया में चुनिंदा लोग ऐसे हैं जो हमेशा प्रकृति के करीब अधिक रहे हैं, रहना पसंद करते हैं। उन्हीं में से एक होते हैं पर्वतारोही। जी हां आपने भी नाम जरूर सुना होगा। हर साल 1 अगस्त को राष्‍ट्रीय पर्वतारोहण दिवस मनाया जाता है। लेकिन इस दिन को मनाने के पीछे 2 दोस्तों की कहानी है। जिन्होंने साथ मिलकर इसे रचा था। अमेरिका के रहने वाले बॉबी मैथ्‍यू और जोश मैडिगन। दोनों दोस्तों ने साथ में 46वें शिखर पर चढ़ाई की थी। बॉबी और जोश पहले पर्वतारोही है जिन्‍होंने  अमेरिका के न्‍यूयॉर्क राज्‍य में एडिरोंडैक पर्वत नामक पहाड़ की 46 ऊंची चोटियों पर चढ़ाई की थी। 1 अगस्त 2015 को चढ़ाई के बाद साल 2016 में औपचारिक रूप से एडिरोडैक 46 क्‍लब में जुड़ गए थे।

दोनों का हमेशा यही कहना होता था कि जीवन में एक बार जरूर पहाड़ पर चढ़ाई करना चाहिए। क्‍योंकि जीवन में जब उस चोटी पर पहुंचते हैं उसका अनुभव बहुत शानदार होता है।

आइए जानते हैं पहाड़ पर चढ़ने के लिए किन  उपकरणों की जरूरत पड़ती है -

1.केरबाइनस - इसका इसका इस्तेमाल रोक क्लाइबिंग के लिए किया जाता है।यह एक धातु होती है।

2. क्रमपुस - यह  एक प्रकार  के शूज होते हैं , जिनका प्रयोग बर्फबारी पहाड़ों पर चढ़ने के लिए किया जाता है। इससे चढ़ाई के दौरान पकड़ अच्छी बनती है।

3.कुल्हाड़ी - बर्फ की पहाड़ी पर चढ़ने के दौरान इसकी सबसे अधिक जरूरत पड़ती है।दरअसल, जब पढ़ाई में समस्या आती है ऐसे में बर्फ में भी  कुल्हाड़ी का प्रयोग किया जाता है। सइ दौरान एक बैक पेक रहता है, सन ग्लास, दस्‍ताने, हेलमेट की भी जरूरत पड़ती है।
 
नेशनल माउंटेन गाइड एसोसिएशन के अनुसार पर्वतारोहियों को अपने जरूरतमंद सामान के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर भी साथ ले जाने होते हैं नेशनल माउंटेन गाइड एसोसिएशन के  मुताबिक पर्वतारोहियों को करीब 7 सिलेंडर अपने साथ रखने होते हैं। वहां जल्दी - जल्दी सांस  लेने  पर ऑक्सीजन भी जल्दी खत्म हो सकती है। गाइडलाइन के मुताबिक अनुमानित  तौर पर एक सिलेंडर करीब 5 घंटे तक चल सकता है ।

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