सेक्स कारोबार से पहले कराती थी काला जादू

शुक्रवार, 6 जुलाई 2018 (11:43 IST)
इन महिलाओं को नाइजीरिया से जर्मनी एक अच्छी जिंदगी के लालच में लाया गया था। लेकिन यहां इन्हें सेक्स व्यापार में झोंक दिया गया। इन पर वूडू और जुजु जैसा काला जादू किया, कीड़े वाला खून पिलाया और रेजर से शरीर पर कट मारे गए।
 
 
जर्मनी में देह कारोबार पर कोई रोक-टोक नहीं है जिसके चलते कई सेक्स कारोबारी अफ्रीकी देशों से महिलाओं को अच्छी जिंदगी का झांसा देकर यूरोप लाते हैं और उन्हें देह कारोबार में झोंक देते हैं। इतना ही नहीं कुछ मामलों में तो नाइजीरिया के इलाके में महिलाओं को यूरोप लाने से पहले निष्ठा की शपथ दिलाई जाती, जादू-टोने से जुड़ा वूडू और जुजु भी कराया जाता है। ऐसा ही एक मामला है मैडम सैंड्रा का।
 
 
मैडम सैंड्रा उर्फ 51 साल की जोसफीन इयामु को ब्रिटेन में आधुनिक गुलामी कानून के तहत 14 साल की कैद सुनाई गई है। ज्यूरी ने इयामु को सेक्स रैकेट चलाने का दोषी पाया। यह ब्रिटेन का पहला ऐसा मामला है जहां दोषी ब्रिटेन से था, तो वहीं पीड़ित ब्रिटेन के बाहर से थे। 
 
 
दरअसल इमायु अपने सेक्स रैकेट के लिए महिलाओं को नाइजीरिया के दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों से लाती थीं। गरीबी से जूझ रहे परिवारों की महिलाओं को वह यूरोप में एक अच्छी जिंदगी का लालच देती, जिसके चलते महिलाओं के परिवार भी राजी हो जाते। लेकिन इस मामले में इमायु ने यूरोपीय संघ की यात्रा शुरू करवाने से पहले पांच महिलाओं को निष्ठा से जुड़ी एक शपथ दिलाई।
 
 
इतना ही नहीं इन महिलाओं ने यूरोप आने से पहले वूडू पुजारी द्वारा कराई गई एक जुजु सेरेमनी में भी हिस्सा लिया, जिसमें इन महिलाओं को मांस खिलाया गया, कीड़ों से युक्त खून पिलाया गया और इन्होंने अपने शरीर की खाल के कुछ हिस्से को रेजर से काट भी दिया। इसके अलावा इमायु की गैंग ने इन औरतों से वादा भी लिया कि वह जर्मनी तक पहुंचने की एवज में गैंग को 38 हजार यूरो का भुगतान करेंगी। इसके अलावा न ही वे कहीं भागेंगी और न ही पुलिस के पास जाएंगी।
 
 
इन पीड़ितों ने अदालत को वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिग के जरिए अपनी आपबीती सुनाई। इन पीड़ितों ने बताया कि कैसे उन्हें उत्तरी अफ्रीका से भूमध्य सागर के रास्ते जर्मनी लाया गया। जर्मनी लाकर उन्हें देहगारों में डाल जबरन काम करने के लिए मजबूर किया गया। इमायु इन पीड़ितों पर उसे हर महीने 1500 यूरो देने का दबाव बनाती। साथ ही धमकाती कि अगर वे ऐसा नहीं करेगीं तो वह अफ्रीका में रह रहें उनके परिवार को नुकसान पहुंचाएगी।
 
 
इन पांचों पीड़ितों को इटली जा रही एक नाव से बचाया गया था। अदालत ने दोषी करार देते हुए इमायु को कहा कि "तुम इन खतरों को जानती थीं लेकिन इसके बावजूद तुमने उनकी जिंदगी की परवाह नहीं की।" जर्मनी के शहर ट्रियर में एक वेश्यालय मालिक को जब शक हुआ कि उसकी एक वर्कर नकली पासपोर्ट पर रह रही है तो उसने पुलिस को खबर की। इसके बाद जर्मनी, ब्रिटेन, नाइजीरियाई पुलिस में तार जुड़े और इमायु उर्फ मैडम सैंड्रा को अगस्त 2017 में गिरफ्तार किया गया। इमायु पेशे से एक नर्स हैं, जो लाइबेरिया मूल की ब्रिटिश नागरिक हैं।
 
 
संयुक्त राष्ट्र स्वयं मानता है कि नाइजीरिया में औरतों की तस्करी से पहले उनके साथ वूडू और जुजु जैसे जादू-टोने किए जाते हैं। इसके जरिए महिलाओं को भरोसा दिलाया जाता है कि अगर उन्होंने देह-व्यापार या वेश्यावृत्ति नहीं की तो उनके परिवार का कोई सदस्य या तो बीमार पड़ जाएगा या मर जाएगा।वूडू अफ्रीकी प्रदेश बेनिन में खास अहमियत रखता है। यह एक प्रकार का जादू-टोना है। देश के ज्यादातर गांवों में वूडू फेस्टिवल के दौरान अपने अपने तरीके से जश्न मनाया जाता है।
 
 
एए/आईबी (एएफपी, रॉयटर्स)
 

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