Weather update : अगले 5 दिनों में दिल्ली, उप्र, बिहार, पंजाब सहित पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की संभावना

शुक्रवार, 10 जुलाई 2020 (00:21 IST)
नई दिल्ली। उत्तर भारत में अनेक स्थानों पर गुरुवार को हल्की से मध्यम वर्षा हुई। हिमाचल प्रदेश में आंधी-तूफान आने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 5 दिनों में उत्तरप्रदेश, बिहार, पंजाब, और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश के आसार हैं।
 
इस बीच अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश की वजह से भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। असम में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई, जहां 11,600 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं जबकि प्रभावित जिलों की संख्या 12 है।
 
राष्ट्रीय राजधानी में दिन में उमसभरा मौसम रहने और बारिश न होने से दिल्लीवासी बेहाल रहे। हालांकि आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहे, जबकि आर्द्रता का स्तर 92 प्रतिशत तक पहुंच गया। सफदरजंग वेधशाला ने अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री अधिक 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।
 
मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शुष्क मौसम की भविष्यवाणी की है। जुलाई में अब तक सफदरजंग मौसम केंद्र ने 35.4 मिमी बारिश दर्ज की है, जो सामान्य से 22 प्रतिशत कम है। हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने 12 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
 
राज्य में 15 जुलाई तक बारिश होने की संभावना है, जबकि 10 जुलाई, 11 और 12 जुलाई को मध्यम पहाड़ी क्षेत्रों और 11 तथा 12 जुलाई को मैदानी और निचले पहाड़ी इलाकों में कई स्थानों पर भारी बारिश, आंधी और गरज के साथ बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है।
 
 गुरुवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान ऊना में 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि सबसे कम तापमान लाहौल-स्पीति के प्रशासनिक केंद्र केलांग में 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
 
राजस्थान के अनेक हिस्सों में बारिश का क्रम जारी है और बीते 24 घंटे में राज्य के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
 
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार सुबह तक के 24 घंटों में अलवर और नागौर जिलों में भारी बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश अलवर के मंडावर में 86 मिमी और नागौर के जायल में 74 मिमी दर्ज की गई। कई और जगह भी हल्की से मध्यम बारिश हुई है। विभाग के अनुसार बारिश का दौर अभी जारी रहेगा।
 
हरियाणा और पंजाब में, अधिकतम तापमान गुरुवार को सामान्य सीमा के करीब रहा। चंडीगढ़ का तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बताया कि शहर में शाम को बारिश हुई।
 
विभाग ने अगले दो दिनों में हरियाणा और पंजाब में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने का अनुमान व्यक्त किया है। उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय है और पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश हुई।
 
आंचलिक मौसम केन्द्र की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हुई। कहीं-कहीं भारी बारिश भी हुई। इस अवधि में बिंदकी (फतेहपुर) में सबसे ज्यादा 10 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
 
इसके अलावा कालपी (जालौन) में नौ, शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) में आठ, कानपुर, हाथरस और उरई (जालौन) में छह-छह सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
 
अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी हिस्सों में ज्यादातर स्थानों पर बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। पश्चिमी हिस्से में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
 
असम में गुरुवार को बाढ़ की स्थिति मामूली रूप से बिगड़ गई, जिससे 11,600 और लोग प्रभावित हुए। हालांकि बाढ़ की चपेट में आए जिलों की संख्या 12 ही रही। एक सरकारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
 
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने कहा कि गुरुवार को बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 1,82,583 हो गई जो कि बुधवार को 1,70,956 थी। राज्यभर में अब तक बाढ़ और भूस्खलन के कारण 64 लोगों की मौत हो चुकी है।
 
प्राधिकरण ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित धेमाजी जिले में करीब 58,000 लोग प्रभावित हुए हैं जबकि बारपेटा में 45,800 लोग और लखीमपुर में 33,000 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके मुताबिक वर्तमान में 400 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 26,676 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है।
 
रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी पांच जिलों में 34 राहत शिविरों एवं वितरण केंद्रों का संचालन कर रहे हैं, जहां 1,075 लोगों ने आश्रय लिया है। ब्रह्मपुत्र नदी जोरहाट के निमाती घाट और धुबरी जिले के धुबरी शहर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
 
इसी तरह ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियां भी राज्य में कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अरुणाचल प्रदेश में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश ने भूस्खलन और बाढ़ जैसी समस्या पैदा कर दी है, जिससे सड़कों, घरों को नुकसान पहुंचा है और निचले इलाकों में बाढ़ आ गई है।
 
इस संबंध में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि बुधवार से राज्य की राजधानी के कई हिस्सों में भारी भूस्खलन हुआ है। मौसम विभाग ने बताया कि शुक्रवार को उप-हिमालई पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की आशंका है।
 
 मौसम विभाग ने बताया कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। (भाषा)

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