डॉ. अशोक कुमार भार्गव के नवाचारों से रीवा संभाग के हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में आया 9 प्रतिशत का उछाल

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

मंगलवार, 14 जुलाई 2020 (18:28 IST)
रीवा। रीवा संभाग के तत्कालीन कमिश्नर और वर्तमान में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में सचिव पद पर कार्यरत डॉ. अशोक कुमार भार्गव के नवाचारों से रीवा संभाग में हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में 9 प्रतिशत का उछाल आया है।
 
हाल ही में माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा घोषित 10वीं हाईस्कूल परीक्षा का परिणाम रीवा संभाग के लिए अत्यन्त सुखद व अभूतपूर्व रहा है। रीवा संभाग में गत वर्ष की तुलना में सफल विद्यार्थियों में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि पिछले परीक्षा परिणाम में 6 प्रतिशत की गिरावट आई थी। 
 
पूरे प्रदेश में गत वर्ष की तुलना में परीक्षा परिणाम केवल 1.5 प्रतिशत अधिक बढ़ा है जबकि रीवा संभाग की वृद्धि प्रदेश के सभी संभागों में सबसे अधिक अर्थात 9 फीसदी रही है। इसके साथ ही रीवा संभाग के सिंगरौली जिले में शासकीय विद्यालयों के परीक्षा परिणाम में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं दूसरी ओर सीधी में 23 प्रतिशत तथा सतना में 17.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
उल्लेखनीय है कि तत्कालीन कमिश्नर डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने पिछले शिक्षण सत्र में हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा परिणाम बहुत ही निराशाजनक रहने के बाद परीक्षा परिणामों में सुधार का संकल्प लिया था। उन्होंने नई रणनीति के साथ ही शिक्षा में सुधार हेतु निम्नलिखित 7 नवाचारों को प्रभावी ढंग से लागू किया :-
 
(1)  स्कूलों में प्रायोगिक कार्य समय से प्रारंभ कराना तथा प्रयोगशालाओं में सुधार ताकि विज्ञान शिक्षण प्रभावी हो और विद्यार्थियों में विज्ञान शिक्षण के प्रति रूचि जागरूकता बढ़े।
(2) शिक्षक पाठ्य योजना  बनाएं और उसके अनुसार नियमित रूप से छात्रों का पठन-पाठन कराएं।
3) शिक्षकों द्वारा छात्रों को दिए गए गृह कार्य का नियमित निरीक्षण किया जाए और प्राचार्य द्वारा सेम्पल चैकिंग की जाए।
(4) प्राचार्य द्वारा समय-समय पर स्वयं भी अध्यापन कार्य किया जाए।
(5) शिक्षकों द्वारा डायरी का संधारण और  निदानात्मक कक्षाओं का संचालन किया जाए।   
(6) ब्रिज कोर्स दक्षता संर्वधन का विधिवत संचालन।   
(7) विद्यालय में साफ-सफाई को बेहतर बनाना, परिसर को हरा-भरा रखना तथा पैरेन्टस टीचर मीटिंग नियमित से होना।
इन नवाचारों के लागू होने से शिक्षा में गुणात्मक के साथ ही संख्यात्मक सुधार प्राप्त किया जा सका। डॉ. भार्गव ने संभाग, जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर संकुल प्राचार्य, व्याख्याता व संबंधित शिक्षकों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्हें शिक्षा में गुणात्मक व संख्यात्मक बदलाव के लिए प्रेरणादायी उद्बोधन से प्रेरित करके अपने दायित्वों के प्रति सम्पूर्ण ऊर्जा, उत्साह, लगन व समर्पण भाव से शिक्षण कार्य करने के लिए जागृत किया।
 
डॉ. भार्गव के सतत प्रयासों, समीक्षा बैठकों और प्रेरणादायी उद्बोधन के माध्यम से शिक्षा में गुणात्मक एवं संख्यात्मक विकास परिलक्षित हुआ है। संभाग में प्रथम श्रैणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 36540 से बढ़कर 41,763 हो गई अर्थात 5000 से अधिक छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है। 
 
पिछले वर्ष मैरिट में रीवा संभाग के मात्र 13 विद्यार्थी ही स्थान प्राप्त कर सके थे जबकि इस वर्ष पूरे प्रदेश की 360 छात्र व छा़त्राओं की प्राविण्य सूची में रीवा संभाग के 66 विद्यार्थी स्थान प्राप्त करने में सफल हुए हैं। इस प्रकार गुणात्मक और संख्यात्मक बदलाव के साथ ही रीवा संभाग निचले पायदान से उठकर सम्मानजनक स्थिति प्राप्त कर सका है। पिछले वर्ष 0 से 30 प्रतिशत परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों की संख्या 245 थी, जो अब घटकर 103 रह गई है।
मध्यप्रदेश शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने अपने कार्यकाल में हाई स्कूल के परीक्षा परिणामों में हुई सम्मानजनक वृद्धि पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए सभी छात्र-छात्राओं शिक्षकों प्राचार्यो व्याख्याताओं और संयुक्त संचालक शिक्षा डॉ. अंजनी त्रिपाठी, सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, डाइट के प्राचार्यो, शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों तथा संभाग के सभी जिला कलेक्टर्स, सीईओ जिला पंचायत और छात्रों के अभिभावकों को हार्दिक बधाई दी है।

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