निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय मुक्केबाजी के HPD Bernard Dunne ने दिया इस्तीफा

WD Sports Desk

गुरुवार, 14 मार्च 2024 (17:29 IST)
World Olympic Boxing Qualifiers : ओलंपिक क्वालीफायर में भारतीय मुक्केबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पेरिस खेलों (Paris Olympics) से चार महीने पहले हाई परफार्मेंस निदेशक (HPD) Bernard Dunne ने इस्तीफा दे दिया है जबकि विदेशी कोच दिमित्री दिमित्रुक (Dmitry Dmitruk) को जल्द ही पद से हटाए जाने की संभावना है।
 
आयरलैंड के पूर्व मुक्केबाज डुने को अक्टूबर 2022 में High Performance Director के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने इटली से अपना इस्तीफा भेज दिया, जहां वह पहले विश्व ओलंपिक मुक्केबाजी क्वालीफायर के लिए भारतीय टीम के साथ थे।
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दो क्वालिफिकेशन स्पर्धाओं (Asian Games और पहले World Olympic Boxing Qualifiers) के  बाद एक भी भारतीय पुरुष मुक्केबाज ओलंपिक के लिए जगह पक्की नहीं कर पाया है।
 
Boxing Federation of India (BFI) ने स्थिति का आकलन करने के लिए शुक्रवार को कार्यकारी समिति की बैठक बुलाई है।
 
बीएफआई के महासचिव हेमंत कलिता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘बर्नार्ड अब टीम के साथ नहीं है। हमने कल एक कार्यकारी बैठक बुलाई है, जहां हम हर चीज का आकलन करेंगे। कल की बैठक में दिमित्री के भविष्य पर भी फैसला लिया जाएगा।’’
 
दिमित्री ने पिछले साल महिला विश्व चैम्पियनशिप से पहले फरवरी में कोच का कार्यभार संभाला था।
 
महासंघ अब पुरुष और महिला टीमों के लिए भारतीय कोच को नियुक्त करने पर विचार कर रहा है, क्योंकि ओलंपिक का आखिरी क्वालीफायर मई में होगा जिसमें दो महीने का समय बचा है।
 
कलिता ने कहा, ‘‘ टीम के लिए फिलहाल कोई विदेशी कोच नहीं होगा। हम भारतीय कोचों पर विचार करेंगे।’’
 
इस समय पुरुष टीम के साथ अनुभवी सीए कुट्टप्पा (C A Kuttappa) कोचिंग सदस्यों में एकमात्र भारतीय हैं। पिछले साल जून में भास्कर भट्ट (Bhaskar Bhatt) ने महिला टीम का साथ छोड़ दिया।
 
भारतीय मुक्केबाजों ने हाल ही में इटली विश्व ओलंपिक मुक्केबाजी के पहले क्वालीफायर में निराशाजनक प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता से सभी नौ मुक्केबाज खाली हाथ लौटे। इसमें Nishant Dev (71 किग्रा) कोटा हासिल करने से एक जीत दूर थे लेकिन अन्य मुक्केबाज शुरुआती चरणों में हार कर बाहर हो गए थे।
 
भारत के लिए अभी तक चार महिला मुक्केबाजों ने ओलंपिक कोटा हासिल किए है। इसमें दो बार की विश्व चैंपियन निकहत जरीन (50 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), परवीन हुडा (57 किग्रा) और तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) शामिल है।
 
भारतीय मुक्केबाजों के पास ओलंपिक टिकट हासिल करने का आखिरी मौका विश्व ओलंपिक मुक्केबाजी (World Olympic Boxing Qualifier) के दूसरे क्वालीफायर में होगा। इसका आयोजन बैंकॉक में 23 मई से होगा।
 
बीएफआई हालांकि इतने कम समय में टीम में चयन के लिए डुने द्वारा तैयार की गई नीति में कोई बदलाव नहीं करेगा।
 
डुने ने टीम में जगह के लिए चयन ट्रायल की जगह एक लंबे समय तक चलने वाले मूल्यांकन प्रक्रिया को शुरू किया था। कई अनुभवी मुक्केबाजों ने हालांकि इस प्रक्रिया का विरोध किया था जिसमें विश्व चैम्पियनशिप के रजत पदक विजेता अमित पंघाल (51 किग्रा) सबसे प्रमुख है।
 
इस प्रक्रिया में शिविर में बेहद कम संख्या में मुक्केबाज रहते थे जिससे उन्हें अभ्यास करने में परेशानी का सामना करना पड़ता था।(भाषा)

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