आयुर्वेद की पंचकर्म थैरेपी लेने के 10 फायदे

अनिरुद्ध जोशी

बुधवार, 13 मार्च 2024 (12:52 IST)
Benefits of Panchakarma : आयुर्वेद और योग में पंचकर्म या पंच क्रिया अर्थात पांच तरह की ऐसी क्रिया है जिससे शरीर स्वस्थ होता है। इसमें वमन, विरेचन, निरूहवस्थी, नास्या, अनुवासनावस्ती सहित अन्य थैरेपी होती है। इस क्रिया को करने में बहुत समय लगता है। आओ जानते हैं पंच कर्म क्रिया करने के 7 फायदे।
ALSO READ: Chair Yoga: ऑफिस चेयर पर करें ये 3 योगासन, तुरंत कम होगा मोटापा
पंच कर्म क्रिया के फायदे:-
1. कायाकल्प : पंचकर्म क्रिया से शरीर का कायाकल्प हो जाता है। कायाकल्प अर्थात शरीर नया हो जाता है।
 
2. तनाव थकान : इस क्रिया को करने से शरीर और मन के सारे तनाव और थकान मिट जाती है। 
 
3. लंबी आयु : वर्ष में कम से कम 2 बार करने से लंबी वायु प्राप्त होती है। इससे लम्बी एवं रोगरहित आयु प्राप्त होती है। 
 
4. कांति : इसे करते रहने से चेहरे और शरीर की कांति बढ़ जाती है। यह जवान बना रहता है। 
 
5. रक्तसंचार : इसको करने से शरीर में रक्तसंचार बढ़कर यह सुचारू रूप में संचालित होता है।
 
6. मानसिक रोग : मानसिक तनाव दूर होता है और मानसिक रोगों में भी यह फायदे होता है।
 
7. इम्यूनिटी बूस्टर : इसे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिसके चलते किसी भी प्रकार के संक्रमण से व्यक्ति बच जाता है।
 
8. वजन कंट्रोल : इससे शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी को हटाकर वजन कम होता है।
 
9. रोग में लाभ : इससे आर्थराइटिस, मधुमेह, तनाव, गठिया, लकवा, पाचन, फेफड़े, सिरदर्द, एड़ी में दर्द, जोड़ों में दर्द, फटी एड़ियों में फायदा, स्मृति दोष, नेत्र रोग, सर्वाइकल और अन्य कई रोगों से राहत मिलती है।

वेबदुनिया पर पढ़ें

सम्बंधित जानकारी