अक्षय तृतीया आने वाली है, अभी से कर लें ये 6 खास तैयारी

WD Feature Desk

मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 (16:34 IST)
Akshaya Tritiya 2026:  अक्षय तृतीया (वैशाख शुक्ल तृतीया) हिंदू धर्म में एक 'अबूझ मुहूर्त' माना जाता है, यानी इस दिन कोई भी शुभ कार्य करने के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती। साल 2026 में अक्षय तृतीया 20 अप्रैल को मनाई जाएगी। चूंकि इस दिन किया गया दान और निवेश 'अक्षय' (जिसका कभी क्षय न हो) होता है, इसलिए इसकी तैयारी अभी से शुरू कर देना बेहतर है। यहाँ कुछ खास तैयारियाँ दी गई हैं जो आपको अभी से कर लेनी चाहिए।
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1. घर की साफ-सफाई और शुद्धि

लक्ष्मी जी का वास वहीं होता है जहाँ स्वच्छता हो।
कबाड़ हटाएँ: घर के ईशान कोण (North-East) और उत्तर दिशा को पूरी तरह साफ करें। टूटा हुआ कांच या बंद घड़ियाँ घर से बाहर कर दें।
गंगाजल का छिड़काव: घर के कोनों में गंगाजल छिड़कें ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।
 

2. खरीददारी की योजना (Pre-booking)

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।
गोल्ड बुकिंग: उस दिन ज्वेलरी की दुकानों पर भारी भीड़ होती है, इसलिए आप अभी से अपनी पसंद के गहने या सोने के सिक्के 'प्री-बुक' कर सकते हैं।
बर्तन या वाहन: यदि आप कार, बाइक या पीतल के बर्तन खरीदना चाहते हैं, तो उनकी बुकिंग भी अभी से कर लेना समझदारी होगी।
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3. दान की तैयारी (जल और अन्न दान)

वैशाख के महीने में भीषण गर्मी होती है, इसलिए जल दान का सबसे बड़ा महत्व है।
मिट्टी का घड़ा: अक्षय तृतीया पर मिट्टी के नए घड़े का दान बहुत पुण्यदायी होता है। एक नया घड़ा अभी से लाकर रख लें।
सत्तू और मौसमी फल: दान के लिए सत्तू, खरबूजा, आम और पंखे (हाथ वाले) की व्यवस्था पहले से कर लें।
 

4. पूजा सामग्री की लिस्ट

  1. पूजा के समय हड़बड़ी न हो, इसलिए ये चीजें पहले से जुटा लें:
  2. पीला कपड़ा (भगवान विष्णु के लिए)
  3. कमल का फूल या गुलाब (लक्ष्मी जी के लिए)
  4. अक्षत (बिना टूटे हुए चावल)
  5. चंदन और केसर
  6. कलश स्थापना के लिए: नारियल, कलावा और आम के पत्ते।
 

5. निवेश का संकल्प

अक्षय तृतीया केवल भौतिक सुखों के लिए नहीं, बल्कि भविष्य सुरक्षित करने के लिए भी है।
नया खाता या निवेश: यदि आप म्यूचुअल फंड, शेयर मार्केट या कोई नई बीमा पॉलिसी शुरू करना चाहते हैं, तो उसके दस्तावेज अभी से तैयार कर लें ताकि 20 अप्रैल को शुभ मुहूर्त में आप पहला कदम उठा सकें।
 

6. घर के द्वार पर शुभ चिह्न

स्वागत की तैयारी के लिए:
तोरण: मुख्य द्वार के लिए आम या अशोक के पत्तों का ताजा तोरण तैयार करने की योजना बनाएं।
रंगोली: घर के प्रवेश द्वार पर माँ लक्ष्मी के पद-चिह्न (चरण) और स्वास्तिक बनाने के लिए रंग या स्टिकर ले आएं।
विशेष टिप: अक्षय तृतीया के दिन 'मिट्टी का दान' या 'वृक्षारोपण' करना भी आपके पुण्य को अक्षय बनाता है। यदि जगह हो, तो एक छोटा पौधा लगाने की तैयारी अभी से कर लें।

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