आचार्य राजेश कुमार

दिव्यांश ज्योतिष केंद्र, लखनऊ
प्राचीन काल में ऋषि-मुनियों द्वारा राजाओं-महाराजाओं के यहां स्थाई सुख शांति हेतु समय-समय परपूजा-पाठ अनुष्ठान किये...
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं। यह व्रत पति के...
प्रतिवर्ष भाद्रपद, शुक्ल पक्ष पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण पक्ष अमावस्या तक के काल को पितृ पक्ष या श्राद्ध पक्ष कहते हैं।...
छोटे से पिंड से अलग-अलग योनियों में पितरों को तृप्ति कैसे मिलती है? इस शंका का स्कंद पुराण में बहुत सुन्दर समाधान मिलता...
प्रत्येक वर्ष भगवान 'श्रीकृष्ण' के जन्मदिन पर भाद्रपद के कृष्णपक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में उनका जन्मदिन मनाने...
गणेश चतुर्थी के पर्व पर पूजा प्रारंभ होने की सही तारीख किसी को ज्ञात नहीं है, इतिहास के अनुसार, यह अनुमान लगाया गया है...
भाद्रपद के दौरान विनायक चतुर्थी, गणेश चतुर्थी के रूप में मनाई जाती है। गणेश चतुर्थी को हर साल पूरे भारत में भगवान गणेश...
बिना गुरु के ज्ञान संभव नहीं और बिना ज्ञान के विजय संभव नहीं। जब से इस सृष्टि की संरचना हुई, तब से ही यह परिपाटी पीढ़ी-दर-पीढ़ी...
काशी पंचांग के अनुसार सावन महीने के खत्म होते ही छठा माह भाद्रपद शुरू हो जाता है। चातुर्मास के 4 पवित्र महीनों का यह...
श्री कृष्ण के सात अक्षरी, आठ अक्षरी और बारह अक्षरी मंत्र बोलने और जप करने से कठिन से कठिन कार्य पूर्ण होते हैं।
श्री कृष्ण जन्मोत्सव पूरे देश में हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इस व्रत को व्रतराज कहते हैं। सभी व्रतों में यह व्रत...
एक छात्र ने उनसे पूछा, आपने शादी क्यों नहीं की। अटलजी ने ठहाका लगाते हुए कहा, ‘यार जब शादी की उम्र थी तब ...
नानाजी देशमुख ने अटल जी से कहा कि आज तुम्हारी बहन की शादी है। अटल जी बोले, ‘अखबार, शादी से ज्यादा जरूरी है।’
अटल जी ने भले ही मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जन्म लिया लेकिन वह उत्तरप्रदेश के लखनऊवासियों के हर दिल में वास करते थे।...
11 अगस्त 2018 को लगने वाला सूर्य ग्रहण इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण है। यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका खास असर भारत...
जून का महीना शुरू हो चुका है और इस महीने में कई ग्रह अपना स्थान परिवर्तन करने वाले हैं।
दूर बैठे ग्रह नक्षत्र कैसे मानव जीवन पर प्रभाव डाल सकते हैं? अक्सर यह सवाल मनुष्य के विचार में आता है...
सूर्यस्वरूप सृष्टि में सबसे पहले प्रकट हुआ इसलिए इसका नाम आदित्य पड़ा।
हर तीन साल में एक बार एक अतिरिक्त माह का प्राकट्य होता है, जिसे अधिकमास, मल मास या पुरुषोत्तम मास के नाम से जाना जाता है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार मई के महीने में हिन्दी कैलेंडर का तीसरा यानी ज्येष्ठ का महीना आता है। परन्तु इस वर्ष 2018 में मलमास...