गरिमा संजय दुबे

स्वतंत्र लेखिका
मुस्कुराहटें, मासूमियत कहीं बोझिल होती हैं भला, वह तो ज़िंदगी को हल्का फुल्का बनाती है। दुःख के घने सायों में मुस्कुराहटें...
एनकाउंटर को सही कहते हैं तो अपनी खुद की बनाई व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाने होते हैं, जिसने बरसों से न्याय में देरी की...
सुना करते थे, पढ़ा करते थे कि गांधी जी के पीछे पूरा देश चला, नेहरू जी के पीछे एक आज़ाद भारत चला, शास्त्री जी के कहने पर व्रत...
मैंने सुना तो आंखों और कानों पर विश्वास नहीं हुआ। आश्चर्य भी हुआ, कोई औरत इतनी बेबाकी, ईमानदारी और साहस के साथ एक अलग...
तुम्हारी सीखने की ललक ही सबसे बड़े अंक है मेरे लिए। मैं कभी एक साथ तुम पर सचिन तेंदुलकर और सुन्दर पिचाई बनने का दबाव नहीं...
क्या विरोध करें,किसका विरोध करें, विरोध करने पर देखा न आपने किसी ने dp विवाद को जन्म दिया,किसी ने उसे मुंह काला करने की...
हम सभी में आलोचना करने की प्रवृत्ति होती ही है किंतु दिन रात अपनी प्रशंसा व दूसरों की खामियों की चर्चा करना NPD के लक्षण...
यह बहस श्रृंगार के विरोध की है ही नही, बस इस बात को लेकर है कि कहीं श्रृंगार आपका जूनून तो नहीं, बिना मेकअप के आप बाहर निकलने...
मंदिर की ही देहरी पर मां को स्तनपान करवाते करवाते नानीजी स्वर्ग सिधार गईं और मेरी मां अबोध एक वर्ष की बालिका स्तनपान...
एक बार फिर मूर्ख दिवस आसन्न है, और यकीन कीजिए किसी को मूर्ख बनाने और निंदा करने में जो परमानन्द है उसके आगे सकल सुख बौने...
हिंसा, भय और असुरक्षा से उपजी पहली प्रतिक्रया है। मनुष्य जब अपने आस पास फैली कलात्मक अभिव्यक्तियों से डरने लगे, तो यह...
"पार्थ..तुम्हें जीना होगा" से प्रतिष्ठित साहित्यकार ज्योति जैन ने उपन्यास विधा में कदम रखा है, और अपने पहले ही प्रयास...
“लेकिन हम तो जिंदा है ना.......? एंड टीवी पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक “गंगा” में एक दस साल की बच्ची का यह सवाल हमारे तथाकथित...
यूं तो बसंत और बजट की राशि एक है, पर देखिए दोनों में कितना भेद है। एक के आने की आहट में जहां “धीरे-धीरे मचल ऐ दिले बेकरार,...
फिर से हम खड़े है , गणतंत्र दिवस की चौखट पर बहुत सारी आशा, विश्वास ,उमंग ,उल्लास और साथ ही कईं आशंकाओं व निराशाओं के साथ।...
जिस तरह तुम्हारे स्कर्ट की लंबाई तुम्हारा चरित्र निर्धारित नहीं करती, ठीक उसी तरह तुम्हारे स्कर्ट की लंबाई तुम्हें...
शिखर पर पहुंचने की राह जि‍तनी दुरूह होती है यदि प्रयास रंग लाने लगे, तो यह उतनी ही रोमांचक और आनंददायी होती। संघर्ष का...
झे अपने आप पर गर्व हो रहा है कि मैं एक ऐसे ऐतिहासिक परिवर्तन के क्षण की साक्षी बनी हूं जो बहुत कम लोगों को नसीब होता है।...
"यह देखिए मैम, यह आपके ऊपर खूब फबेगी। इसका कपड़ा देखिए... प्योर शि‍फॉन है और उस पर स्टोन का काम। आप पर खूब फबेगा, कहते हुए...
आज सारे विचार विचारमग्न थे, कराह रहे थे आपस में लड़ रहे बुद्धिजीवियों के तर्कों की तलवारों से घायल थे। वैसे ही वे अष्टावक्र...