देवयानी एस.के.

लेखिका हिन्दी साहित्य, इतिहास, शायरी तथा सिनेमा में ख़ास रूचि रखती हैं।
एक दीवाना था, सनसनाती बिजलियों को मस्ती में छेड़ा था, तूफ़ानों की बांहों को कस के मरोड़ा था, तमतमाते शोलों को हाथों में...
कड़कती धूप में गन्ने का रस जैसे, सर्दियों में चाय की गरम सेंक जैसे जैसे रसमलाई नरम जैसे पकौड़े करारे है
ढ़ीठ होती हैं यादें, बेबाक होती हैं यादें, बेवक्त की बारिश सी सनकी होती हैं यादें, दुआ मरहम से भी लाइलाज होती हैं, पुराने...
सौम्य सुदर्शन शामल सुंदर, नीलमणी सम रोचन उज्ज्वल, रणवीर धुरंधर वीर धनुर्धर, असुर निकंदन दशरथ नंदन
सालों गुज़र गए पर शोले फ़िल्म का शुरुआती दृश्य और उसके साथ जुड़ा संगीत लोग आज तक नहीं भूल पाए हैं।
गेइशा! जापान के इतिहास का और तात्कालीन जापानी समाज जीवन का एक अटूट अंग।इशा शब्द का शब्दशः अर्थ है 'कलाकार' पुरुषों को...
सन् 1939, सितंबर का महीना था। केप टाउन से एक समुद्री जहाज इंग्लैंड के लिए आ रहा था। जहाज पर हर रोज गुमशुदा वस्तुओं की सूची...
इंग्लैंड का इतिहास स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा रहा था। ये वह दौर था जब रानी एलिज़ाबेथ 'प्रथम' इंग्लैंड के राजपद पर विराजमान...
बात जब शशि कपूर की होती है तो उनकी एक रोमांटिक हीरो वाली इमेज उभर कर सामने आती है। 'कह दूं तुम्हे' वाली बिंदास मस्ती हो...