नर्मदाप्रसाद उपाध्याय

लेखक संस्कृतिविद्, ललित निबंधकार और कला इतिहासकार हैं। वाणिज्यकर विभाग में निदेशक रहे हैं।
मां जैसी दुर्लभ देन मनुष्य जाति के लिए कोई दूसरी नहीं। एक ओर वह वात्सल्य की प्रतिमूर्ति है तो दूसरी ओर शक्ति का अजस्र...