Iran Women Team Crisis : ईरानी महिला फुटबॉल टीम पर मौत का खतरा, ऑस्ट्रेलिया से शरण की मांग, Donald Trump बोले- वापस भेजा तो मारी जाएंगी

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

सोमवार, 9 मार्च 2026 (22:37 IST)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ऑस्ट्रेलिया सरकार से ईरान की राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों को राजनीतिक शरण देने की जोरदार अपील की है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि इन महिला खिलाड़ियों को वापस ईरान भेजा गया, तो उनके साथ गंभीर मानवीय अनहोनी हो सकती है। डोनाल्ड ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया पीएम से बात भी की है। 
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डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 
ऑस्ट्रेलिया ईरान की राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम को वापस भेजने की अनुमति देकर एक भयानक मानवीय गलती कर रहा है। वहां (ईरान) जाने पर उनके मारे जाने की पूरी संभावना है। अगर ऑस्ट्रेलिया उन्हें शरण नहीं दे सकता तो अमेरिका उन्हें अपने यहां जगह देगा।
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क्या था विवाद 

यह विवाद तब शुरू हुआ जब ऑस्ट्रेलिया में चल रहे 'एशियन कप' के दौरान ईरानी टीम ने अपने पहले मैच में राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया। दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच के दौरान खिलाड़ी चुपचाप खड़ी रहीं, जिसे ईरानी सरकारी मीडिया ने 'अपमान की पराकाष्ठा' करार दिया। हालांकि, दूसरे मैच में खिलाड़ियों ने राष्ट्रगान गाया, लेकिन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि उन पर सरकारी दबाव डाला गया था।
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यह टूर्नामेंट उसी समय शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी। रविवार को फिलीपींस से 2-0 से हारने के बाद ईरानी टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है।

5 खिलाड़ी टीम से अलग होकर सुरक्षित स्थान पर

 
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया (SBS News) के अनुसार, टीम की पांच खिलाड़ियों ने अपने ईरानी सुरक्षा घेरे को तोड़ दिया है और वे अब 'ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस' (AFP) की सुरक्षा में हैं। बताया जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया के गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क इन खिलाड़ियों से मिलने के लिए ब्रिस्बेन पहुंच चुके हैं। 
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खिलाड़ियों के वैश्विक संघ FIFPRO ने भी टीम की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्हें ईरान में 'युद्ध काल का गद्दार' बताया जा रहा है, जिससे उनकी जान को खतरा पैदा हो गया है।
 
 Edited by : Sudhir Sharma

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