मोदी की डिनर पर शिंजो से मुलाकात, कैमरन से भी अहम चर्चा

शनिवार, 15 नवंबर 2014 (00:34 IST)
-शोभना जैन
 
ब्रिसबन (ऑस्ट्रेलिया)। गत सितंबर में हुई अपनी पहली मुलाकात और दोस्ती की गर्मजोशी भरी पुरानी यादों को ताजा करते हुए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आज यहां दावत दी और इस दौरान उभयपक्षीय आर्थिक संबंधों और अन्य विषयों पर चर्चा की।
दोनों नेता जी 20 शिखर सम्मेलन मे हिस्सा लेने यहां आए हुए हैं। बाद में मोदी ने आबे के साथ हुई मुलाकात के बारे में ट्‍विटर पर लिखा, 'आपसे एक बार फिर मिलकर खुशी हुई।' 
 
मोदी ने इस साल अगस्त-सितंबर के महीने में जापान का दौरा किया था और आबे से उनकी गहरी आपसी समझबूझ बनी थी और उस दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी आर्थिक संबंध प्रगाढ, बनाने और उभयपक्षीय रिश्ते और मजबूत करने के बारे में अनेक समझौते हुए थे। 
 
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन से भी मुलाकात की, जिसमें आर्थिक सहयोग का मुद्दा सबसे ऊपर था। ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन भारत के प्रधानमंत्री से पहली बार मिल रहे थे। विदेश मंत्रालय द्वारा किए गए एक ट्वीट के मुताबिक उन्होंने कहा कि 'भारत के साथ रिश्ते ब्रिटेन की विदेश नीति की पहली प्राथमिकता है'। साथ ही कहा कि 'आपका दृष्टिकोण काफी प्रेरणादाई है'। 
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन भारत का सहयोगी बनना चाहता है। प्रेक्षक इस पहली मुलाकात को दोनों पक्षों के बीच संबंध प्रगाढ़ बनाने की दिशा में खासी अहम मान रहे है
 
कल से यहां शुरू होने वाले जी 20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मोदी आज सुबह ही ब्रिस्बेन पहुंचे। यहां पर उनका जी 20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के साथ साथ लगभग 20 अहम द्विपक्षीय मुलाकतों का भी कार्यक्रम तय हो चुका है।
 
जी 20 शिखर सम्मेलन के साथ-साथ मोदी की यहां पर जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल, स्पेन के प्रधानमंत्री मारियानो रेजोय से मुलाकात होगी। वह फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसवां ओलांद से भी मिलेंगे। सूत्रों के अनुसार इस दौरान मुख्य रूप से कई अरब डॉलर के राफेल रक्षा सौदे को लेकर भी बातचीत हो सकती है। दुनिया के अनेक शीर्ष नेता इस समय जी 20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने यहां आए हुए हैं।
 
मोदी ने आज हरमन वान रॉमपाय की अध्यक्षता वाले यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की। मुक्त व्यापार समझौता वार्ता के संदर्भ में उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष साथ आने खास तौर पर व्यापार के क्षेत्र में आपसी सहमति के लिए उत्सुक हैं। 
 
सूत्रों के अनुसार मोदी ने उनसे कहा कि यूरोपीय संघ को भारत में निवेश के लिए बन रहे नए माहौल का फायदा उठाना चाहिए। भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर आपसी पूर्ण सहमति अभी  बाकी है। वार्ता अभी भी महत्वपूर्ण मुद्दों व बिंदुओं पर अटकी हुई है। 
 
ईयू ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में शुल्क कटौती और वाइन, स्प्रिट और डेयरी उत्पादों पर कर में कटौती की मांग की है। साथ ही बौद्धिक संपदा अधिकारों के शासन की मांग की है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच का व्यापार 2003 के 28.6 अरब यूरो से बढ़कर 2013 में 72.7 अरब यूरो पर पहुंच गया है।
 
यूरोपीय संघ ने मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र में दिए गए एक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के प्रस्ताव का भी समर्थन किया। रॉमपय ने कहा कि 28 सदस्यों वाला संघ भारत के योग दिवस शुरू करने के प्रस्ताव का समर्थन करता है। विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया, 'यूरोपीय संघ के अध्यक्ष हरमन वान रॉमपय ने मोदी से कहा कि उनका संघ संयुक्त राष्ट्र में सुझाए गए मोदी के योग दिवस के प्रस्ताव का समर्थन करता है।' (वीएनआई)

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