भोपाल। मध्यप्रदेश के मुरैना में रेत माफियाओं ने वन आरक्षक को मौत के घाट उतार दिया है। पूरी घटना मुरैना जिले के रानपुर थाना क्षेत्र का है जहां चंबल से अवैध रेत परिवहन कर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली ने वन विभाग के आरक्षक हरकेश गुर्जर को उस वक्त रौंद डाला जब उसने ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने की कोशिश की। यह घटना उस वक्त हुई जब वन विभाग की टीम रेंजर की अगुवाई में रूटीन चेकिंग कर रही थी, तभी अवैध रेत लेकर आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने की कोशिश की लेकिन ट्रैक्टर चालक ने एकदम से स्पीड बढ़ा दी और आरक्षक हरकेश गुर्जर को रौंद डाला। आरक्षण को गंभीर हालत में नजदीक अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया।आरक्षक की मौत की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल और जिला प्रशासन और वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। मृतक आरक्षक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मुरैन में रेत माफियाओं के हौंसले किस कदर बुलंद है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घटना के बाद आरोपी ट्रैक्टर चालक पास के एक पेट्रोल पंप पर पहुंचा, जहां उसने ट्रॉली में भरी रेत को आरा से खाली किया। इसके बाद उसने वहीं अपने कपड़े बदले और पुराने कपड़े पेट्रोल पंप पर ही छोड़ कर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मौके से फरार हो गया। यह पूरी घटना पेट्रोल-पंप पर लगे सीसीटी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस अब सीसीटीवी के सहारे आरोपी की पहचान करने और उसकी तलाश में जुटी है।
कांग्रेस ने साधा निशाना-वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने घटना पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त और अपराधियों के हौसले चरम पर है। मुरैना में रेत माफिया द्वारा वन विभाग की टीम पर हमला कर आरक्षक हरकेश गुर्जर को ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर देना न केवल भयावह है, बल्कि यह साबित करता है कि प्रदेश में अपराधियो में कानून का डर समाप्त हो चुका है। यह घटना प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था और भाजपा सरकार के "सुशासन" की तस्वीर है, अवैध खनन माफिया दिनदहाड़े कानून के रक्षकों की हत्या कर रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। यह सीधा-सीधा शासन की विफलता और अपराधियों को मिला संरक्षण है।