इसके तहत ग्राहकों के बैंक खाते में सब्सिडी ट्रांसफर कर दी जाएगी, जबकि उसे गैस एजेंसी को गैस की पूरी कीमत अदा करनी होगी। राजग सरकार मई, 2015 तक इसे पूरे देश में लागू करने की मंशा रखती है।
पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय की तरफ से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि संप्रग के कार्यकाल में जिन ग्राहकों को इस योजना के तहत शामिल किया गया था, उन्हें अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं है। इन ग्राहकों के बैंक खाता, आधार नंबर और एलपीजी खाते को एक दूसरे के साथ जोड़ा जा चुका है।