स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने यहां अपोलो अस्पताल में प्रभावित महिलाओं को देखने के बाद कहा, 'प्रथम दृष्टया यह कहा जा सकता है कि महिलाओं की हालत जिंक फॉस्फाइड मिश्रित दवाएं खाने के बाद बिगड़ी। महिलाओं में जो लक्षण दिखाई पड़े हैं वो आम तौर पर जिंक फॉस्फाइड खाने के बाद दिखते हैं। जिंक फॉस्फाइड का इस्तेमाल आम तौर पर चूहे मारने की दवाओं में किया जाता है।'
दवाओं के नमूने जांच के लिए कोलकाता, दिल्ली और नागपुर के लैब में भेजे गए हैं जबकि दवाएं खाने के बाद मरने वाली महिलाओं के विसरा नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने कहा, 'पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद ही हम इस ठीक-ठीक निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं कि किस वजह से मौत हुई।'
उन्होंने कहा, 'फिलहाल बिलासपुर के विभिन्न अस्पतालों में 122 महिलाओं का इलाज चल रहा है जिसमें से 61 को अपोलो में भर्ती कराया गया है जबकि 37 को सीआईएमएस और 24 को जिला अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।' (भाषा)