जुलाई : कैसा होगा यह माह देश-विदेश के लिए

जुलाई प्रारंभ में पश्चिम के देशों में सुभिक्ष आदि का सुख रहेगा। पूर्व तथा उत्तर के देशों में कष्ट-अशांति तथा दक्षिण के देशों में युद्धादि का भय बना रहेगा। इस माह में 5 शुक्रवार होने से प्रजा को सुख मिलेगा। अच्छी वर्षा व सर्वत्र सुख तथा अन्न-जल की पूर्ति रहेगी। 



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जानवरों पर विपत्ति आएगी विशेषकर हाथी व हिरण पर अधिक कष्ट रहेगा। नदी-नालों में उफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहेगा। अन्न के भावों में तेजी आएगी। सरकार से प्रजा में असंतोष उत्पन्न होगा। सरकार में भी असंतोष की स्थिति निर्मित हो सकती है। 
 
व्यापार में विश्व में असमंजस की वृद्धि होगी तथा विश्व में सामाजिक-नैतिक व्यवहार में भी वृद्धि होगी। स्वर्ण में तेजी आएगी। 17 जुलाई से दक्षिण के देशों में सुभिक्ष आदि का सुख रहेगा, उत्तर तथा पश्चिम के देशों में पीड़ा एवं पूर्व के देशों में अशांति रहेगी। 
 
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आकाशीय लक्षण :- जुलाई माह में सूर्य-बुध के आगे शुक्र के होने से अधिकांश ग्रहों के सौम्य, नीरा, अमृता नामक सप्त नाड़ी चक्रों में स्थित होने से कहीं-कहीं भारी वर्षा होगी। कहीं-कहीं वर्षा कम होगी। कहीं-कहीं खंडवृष्टि होगी। शनि-मंगल की षडाष्टक योग होने से प्राकृतिक प्रकोप से जन-धन की हानि होगी। 
 
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार, असम, ओडिशा, कश्मीर, उत्तरप्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड एवं छत्तीसगढ़ में कहीं तेज एवं कहीं-कहीं खंड वृष्टि होगी। 



 

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