वैशाख मास के दान, पूजन और नियम क्या हैं?

7 अप्रैल 2023, दिन शुक्रवार से वैशाख मास (Vaishakh month) आरंभ हो गया है। धार्मिक दृष्टि से इस माह का महत्व बहुत अधिक माना गया है। इस पूरे महीनेभर लोग भगवान श्री‍हरि की पूजा करते हैं। अत: इस महीने को माधव मास भी कहा जाता है।

खास कर वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि पर गृह प्रवेश, वास्तु दोष निवारण हेतु गृह पूजा तथा खरीदारी जैसे शुभ कार्य कर सकते हैं। इस दिन यदि आप किसी नदी पर स्नान के लिए नहीं जा सकें तो घर में ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना उत्तम होता है। 
 
हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र पूर्णिमा के बाद वैशाख का महीना शुरू होता है, जो कि इस बार 7 अप्रैल से शुरू हो गया है। यह महीना श्री विष्‍णु की उपासना तथा पूजन के लिए खास माना गया है। आइए जानते हैं-  
 
वैशाख मास के दान-
 
वैशाख मास में गौमाता को खाने की चीजें तथा घास या चारा दान करना चाहिए। 
 
वैशाख मास में व्रत रखकर तथा सायंकाल में भगवान सत्यनारायण की कथा सुनने के पश्चात प्रसाद बांटना चाहिए।  
 
इस माह इस दिन व्रत रखकर भगवान श्री विष्णु की पूजा के उपरां‍त खाने की चीजों का दान करें। 
 
- इस माह पंचधान अनाज, वस्त्र, पंचमेवा, श्रृंगार का सामान, सत्तू, ककड़ी, खरबूजा, घी, आटा, नमक, गुड़, तेल, शक्कर (सीधा), पंखा आदि चीजों का दान करना लाभदायी होता है। 
 
- इस माह में जल का दान पुण्यदायी माना गया है, अत: प्याऊ लगाकर राहगीरों को जल अवश्‍य ही पिलाएं। 
 
पूजन विधि-
 
- वैशाख मास में तुलसी तथा पीपल वृक्ष का पूजन करें। 
 
- वैशाख मास में माधव के रूप में तुलसी पत्र से भगवान विष्णु की पूजा करें।
 
- पूजन के समय सफेद या पीले फूल अर्पित करें। 
 
- इस माह 'ॐ माधवाय नमः' मंत्र का कम से कम 11 बार नित्य जाप करें।
 
- पूजन के साथ ही भगवान विष्णु के केशव, हरि, गोविंद, त्रिविकरम, पद्मानाभ, मधुसूदन, अच्युत और हृषिकेष नाम का भी ध्यान करें।
 
- साथ ही भगवान सूर्य को तांबे के लोटे से जल अर्घ्य देने से पापों का नाश होता है। 
 
- तुलसी पत्र डालकर श्रीविष्‍णु को पंचामृत का भोग लगाएं।
 
- साथ ही इसी माह में भगवान नृसिंह, भगवान चित्रगुप्त, भगवान शिव की भी पूजा की जाती है।
 
वैशाख मास के नियम- 
 
वैशाख मास के नियम- 
 
1. वैशाख माह में नया तेल लगाना मना है। 
 
2. वैशाख में गंगा स्नान तथा दान करना चाहिए। 
 
3. वैशाख में तेल और तली/ भुनी चीजों को खाने से परहेज करना सेहत के लिहाज से अच्छा होता है। 
 
4. वैशाख माह में एक ही समय भोजन करना चाहिए तथा रात में खाना नहीं खाना चाहिए। 
 
5. जीवन के दुखों से मुक्ति के लिए भगवान श्री विष्णु तथा भगवान परशुराम की पूजा करने की मान्यता है। 
 
6. पूरे वैशाख मास में भूमि पर शयन करें। 
 
7. इस महीने में श्री बांके बिहारी के दर्शन करने से शांति की प्राप्ति होती है। 
 


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