भगवान श्री‍हरि विष्णु के 10 चमत्कारी मंत्र, आप भी जपें

* तुरंत फलदायी हैं ये विष्णु मंत्र, अपनी पसंद के अनुसार पढ़ें कोई भी मंत्र
 
शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन भगवान विष्णु के मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी रहता है। विशेषकर वैशाख, कार्तिक और श्रावण में विष्णु आराधना बहुत महत्वपूर्ण मानी गई है। श्री‍हरि विष्णु का स्वरूप शांत और आनंदमयी है। वे जगत का पालन करने वाले देवता हैं। नियमित भगवान विष्णु का स्मरण करने से जीवन के समस्त संकटों का नाश होता है तथा धन-वैभव की प्राप्ति होती है।
 
यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं श्रीहरि विष्णु के विविध मंत्र, जिनका जाप कर धन-वैभव एवं सुख-समृद्धि तथा संपन्नता पाई जा सकती है।
 
आइए जानें भगवान श्रीहरि विष्णु के पवित्र मंत्र... 
 
1. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
 
2. श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे।
  हे नाथ नारायण वासुदेवाय।।
 
3. ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
 
4. ॐ विष्णवे नम:
 
5. ॐ हूं विष्णवे नम:
 
6. ॐ नमो नारायण। श्री मन नारायण नारायण हरि हरि।  
 
7.  लक्ष्मी विनायक मंत्र - 
दन्ताभये चक्र दरो दधानं,
कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया
लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे।।
 
8. धन-वैभव एवं संपन्नता का मंत्र - 
ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि। 
ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।
 
9. सरल मंत्र -
ॐ अं वासुदेवाय नम:
- ॐ आं संकर्षणाय नम:
- ॐ अं प्रद्युम्नाय नम:
- ॐ अ: अनिरुद्धाय नम:
- ॐ नारायणाय नम:
 
10. विष्णु के पंचरूप मंत्र -
ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान। यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्‍टं च लभ्यते।।

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