ऋतुपर्ण दवे

कहीं चीन और तबलीगी जमात के मालिक-मुखियाओं का कोई सीक्रेट कनेक्शन तो नहीं?
वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो यह महामारी दुनिया के 186 देशों को अपनी चपेट में ले चुकी है जिसका सीधा मतलब यह हुआ...
नव-संवत्सर हिन्दू नव वर्ष का आरंभ है जो चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को शक्ति-भक्ति की उपासना, नवरात्रि के साथ प्रारंभ...
संयुक्त राष्ट्र ने बीते वर्ष जलवायु परिवर्तन पर एक सम्मेलन किया था जिसमें मानव जनित जलवायु परिवर्तन पर चिन्तन हुआ।
भारतीय मतदाता ने अपनी परिपक्वता पर मुहर लगा बता दिया कि कौन कितने पानी में है? निश्चित रूप से धड़कनें तो सभी दलों की...
चीन जैसे विकसित और दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश ने इस सच्चाई को सबसे क्यों छुपाया..? क्या यह मानवता को शर्मसार करने...
शिक्षा में बाजारवाद बेहद खतरनाक है। बावजूद इसके बढ़ता निजीकरण, व्‍यवसायीकरण को बढ़ा रहा है जो बेहद दुर्भाग्‍यपूर्ण...
पहला विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित हुआ लेकिन आधिकारिक तौर पर हर वर्ष मनाए जाने की घोषणा में 31 साल...
इसमें कोई दो मत नहीं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तिलिस्म बरकरार है पर महाराष्ट्र और हरियाणा में जादू फीका सा पड़ता...
'इंडिया दैट इज भारत' से मेरा राम-राम। आज फिर 2 अक्टूबर है। हर बरस आता है। बापू अपुन के दिमाग में एक बात बहुत तेजी से घूम...
गणपति हिन्दुओं के आदि आराध्य देव होने के साथ-साथ प्रथम पूज्यनीय भी हैं। किसी भी तरह के धार्मिक उत्सव, यज्ञ, पूजन, सत्कर्म...
एक जीत और तीन खुशी! कितना गर्व होगा उस परिवार को जिसकी संतान ने दुनिया के बैडमिंटन इतिहास में महिला विश्व चैंपियनों...
यूं तो मौत का मुकर्रर वक्त किसी को पता नहीं होता। लेकिन कैसे मान लें, उन्हें पता नहीं था! भले ही दुनिया कहे कि सुषमा स्वराज...
एक अजीम शख्सियत, हरदिल अजीज, विरोधी भी जिनके कायल, दिल्ली की सूरत बदल देने वाली आधुनिक दिल्ली की शिल्पकार शीला दीक्षित...
जून आधा बीत गया लेकिन देश में कई जगह पारा अब भी रिकॉर्ड बनाने पर तुला है। जहां राजस्थान के चुरू में 50 के पार जा पहुंचा...
दिल्ली की सत्ता की चावी किसके पास होगी? राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से कौंध रहा है। प्रधानमंत्री पद के लिए हमेशा...
देश के 5वें और मप्र के दूसरे चरण में 7 लोकसभा सीटों पर 6 मई को चुनाव होंगे। खास यह कि 4 सीटें बुंदेलखंड की हैं, जो कहीं-न-कहीं...
पाकिस्तान के लिए गुजरे मंगलवार का सवेरा कालिखभरा था। वह शायद ही कभी इसे भूल पाएगा। भले ही भारत के जवाब को कुछ भी नाम...
पुलवामा आतंकी हमले के बाद सुरक्षा में चूक को लेकर सवाल स्वाभाविक हैं और उठना भी चाहिए। ढ़ेरों पैकेटों लदे विस्फोटक...
यक़ीनन उनमें इंदिरा गांधी का अक्स दिखता है, धीरे और नपा-तुलना बोलना, पहनावा भी वैसा ही सादगी भरा। वक्ता के रूप में भी...