गिरीश पांडेय
The author is a senior journalist.
रात करीब 10 बजे अखबार के दफ्तर से घर लौटा। कॉलबेल की आवाज सुन पत्नी (बेबी) ने दरवाजा खोला। पत्नी के आंखों में दर्द और उदासी झलक रही थी। अम्मा के कमरे में...
बेशक! हाथी शान की सवारी है। राजा-महाराजा हाथियों पर चलते रहे हैं। कभी युद्धभूमि में हाथी सवार सैनिकों की भूमिका निर्णायक होती थी—अक्सर जीत का सेहरा भी...
बात 1970 के शुरुआती दशक की है। मैं मिडिल स्कूल में पढ़ता था। क्लास कौन-सी थी, ठीक याद नहीं। हमारा स्कूल बेलाबीरभान और मेरा गांव सोनइचा पास-पास ही थे। बल्कि...
एक महिला अपनी संतान के लिए कुछ भी कर सकती है। वह अपनी जान की परवाह किए बिना किसी भी हिंसक जानवर से भिड़ सकती है। ऐसी खबरें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं।...
मेरी पढ़ाई मिडिल क्लास (कक्षा आठ) तक गांव में हुई। गांव गोरखपुर जिले के गगहा थाने में पड़ता था। गांव का नाम था.. सोनइचा। वह दौर था ढेबरी (दीया) का—लालटेन...
ट्रक को सड़क का यमराज कहते हैं— भले ही यमराज हों, लेकिन देवता तो हैं ही! इसलिए इंसानों से श्रेष्ठ होने का दावा बिल्कुल जायज है। ट्रक चालक इस महत्ता को...
समय के साथ झूठ ने खासी तरक्की कर ली है। पहले झूठ के पांव नहीं होते थे। पर अब थोड़े कमजोर ही सही झूठ के भी पांव होने लगे हैं। वह खुद के पांव पर खड़ा भी...
Monkeys of Vrindavan: अदरक का स्वाद जानें या नहीं, फ्रूटी का स्वाद खूब जानते हैं वृंदावन के बंदर बंदर क्या जानें अदरक का स्वाद… अब ये मुहावरा कितना सच...
बिहार विधानसभा चुनाव में कट्टे का जिक्र कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार इसके आकर्षण को बढ़ा दिया। वैसे भी कट्टे और कनपटी का रिश्ता पुराना है। अगर...
Bihar Assembly Elections 2025: बिहार। यहां नवंबर में एक ब्लॉकबस्टर फिल्म रिलीज होने वाली है—रहस्य, रोमांच से भरपूर। बिहारियों की पसंद के अनुसार एक्शन का...
बोतल का जिन्न! कल रात में सपने में आया। सूखकर बिलकुल कांटा हो गया था। इस कदर कि शीशी या सिरिंज में भी आराम से समा जाए। मैंने उससे उसकी इस बदहाली के बाबत...
आठ महीने। आठ युद्ध। इनमें से कुछ युद्ध तो अब विश्वयुद्ध या परमाणु युद्ध का खौफ पैदा कर रहे थे। ऐसी हालात में इन सभी युद्धों का युद्धविराम। इन युद्धविरामों...
जूता—जिसका असली मकसद पैरों को राह के कांटों, कंकड़-पत्थरों से बचाना था—कभी-कभी अपने मूल काम से हटकर भी सुर्खियों में आ जाता है। खासकर तब, जब कोई इसे पैरों...
Readymade businessman Akhilesh: वैश्विक महामारी कोरोना में तमाम जमे जमाए लोगों के पांव उखाड़ दिए। पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक युवा का उदाहरण इसके...
Terracotta brings change in the lives of potters: बाबा यानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमारी मिट्टी को सोना बना दिया। गोरक्षपीठाधीश्वर के नाते पूर्वांचल...
World Yoga Day 2025 : 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। चूंकि योग भारत की थाती है, लिहाजा यहां अधिक उत्साह होना स्वाभाविक है। यही वजह है कि देश में...
CM Yogi will be 53 years old on June 5: पांच जून। इसी दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन पड़ता है। इस पांच जून को वह 53 साल के हो...
Rupee symbol of socialism: समाजवाद का प्रतीक। यह सबका होता और सब इसके। इसका कोई जाति, धर्म या मजहब नहीं होता। यह छुआछूत से भी अछूत होता है। मंदिर से लेकर...
Refill on ventilator: मसि कागद छुओ नहीं, कलम गही नहिं हाथ'। कबीर दास की ये लाइनें इस बात का प्रमाण कलम, स्याही और कागज का रिश्ता अटूट रहा है। पर कलम से...
लखनऊ से करीब 300 किलोमीटर दूर। गोरखपुर के बांसगांव तहसील स्थित मेरे गांव सोनइचा से रमेश का फोन आता है। वह खेतीबाड़ी के लिए खाद पानी और इसमें लगी मजदूरी...