अपनी अदाओं से चांदनी बिखेरने वाली श्रीदेवी

चुलबुली आंखें, दिलकश अदाएं, मस्तीभरी हरकतें और हर किरदार में जान डालने वाली एक्टिंग, ये सभी बातें एकसाथ किसी आम इंसान में कैसे हो सकती हैं। तो यहां बात हो रही है एक ऐसी शख्सियत की जिन्होंने हिन्दी से लेकर तमिल, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में भी शानदार काम किया है और नाम कमाया है। श्रीदेवी यूं ही बॉलीवुड की पहली फीमेल सुपरस्टार नहीं कहलाती हैं। नब्बे के दशक में श्रीदेवी का दीवानापन दर्शकों के सिर चढ़कर बोलता था। उन्होंने अपने पूरे जीवन फिल्में ही की हैं और यही उनकी असली पहचान है। 
 
सिर्फ 4 वर्ष की उम्र से ही अभिनय में उतरने वाली श्रीयम्मा यंगर को आज पूरा बॉलीवुड और दुनिया श्रीदेवी के नाम से जानती है। 13 अगस्त श्रीदेवी के फैंस के लिए खास दिन है  क्योंकि इसी दिन वर्ष 1963 को श्रीदेवी का जन्म हुआ था। तमिल फिल्म '16 भयानिथनिले', हिन्दी फिल्म 'हिम्मतवाला', 'सदमा', 'जुदाई' जैसी कई सफल फिल्में देने वाली श्रीदेवी ने जो पहचान हिन्दी और दक्षिण भारतीय सिनमा में बनाई है वो उनके दुनिया में ना रहने पर भी बरकरार है। श्रीदेवी ने अपने तीन दशक लंबे सिने करियर में लगभग 200 से भी ज़्यादा फिल्मों में काम किया है। उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके फैंस के लिए श्रीदेवी की कुछ यादगार बातें और किस्से। 
 
तमिलनाडु के एक छोटे से गांव मीनमपटी में श्रीदेवी का जन्म हुआ और महज चार वर्ष की उम्र से उन्होंने सिनेमा में काम करना शुरू कर दिया था और कई वर्षों तक उन्होंने दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम किया। उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट से लेकर एक सफल अभिनेत्री के रुप में काम किया। उनकी अभिनेत्री के तौर पर पहली फिल्म तमिल की 'मुंदरू मुदिची' थी। इसके बाद उन्होंने 1977 में '16 भयानिथनिले' नामक फिल्म से सफलता हासिल की। दक्षिण में पहचान बनाने के बाद उन्होंने बॉलीवुड में फिल्म 'सोलहवां सावन' से एंट्री ली जो कि 1979 में रिलीज़ हुई थी। 
 
हालांकि शुरुआत में उन्हें बॉलीवुड से खास रिस्पांस नहीं मिला था इसलिए उन्होंने दोबारा अपना रुख दक्षिण सिनेमा में किया। वर्ष 1983 में फिल्म 'हिम्मतवाला' से हिम्मत कर श्रीदेवी ने फिर बॉलीवुड में एंट्री ली। इसके बाद उन्होंने 'सदमा', 'नगीना', 'मिस्टर इंडिया', 'चालबाज़', 'चांदनी', 'लम्हें', 'खुदा गवाह' 'लाड़ला' जैसी कई शानदार फिल्में देकर बॉलीवुड को अपना बना लिया। अब तक श्रीदेवी के पहचान बॉलीवुड में काफी अच्छी बन चुकी थी। कई फिल्मों से जुड़े उनके कई किस्से हैं। उन्होंने नब्बे के दशक के लगभग हर स्टार और सुपरस्टार के  साथ फिल्में की हैं। 

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फिल्म 'नागिन' में उन्होंने इच्छाधारी नागिन का किरदार निभाया जिसमें उन्हें एक खास पहचान मिली थी। वहीं 1987 में प्रदर्शित हुई फिल्म 'मिस्टर इंडिया' में चुलबुली लड़की का किरदार उन्होंने निभाया। 1989 की फिल्म 'चालबाज' श्रीदेवी के लिए सबसे महत्वपूर्ण फिल्म थी। इसमें उन्होंने दो जुड़वा बहनों की भूमिका निभाई थी। इस किरदार को श्रीदेवी ने अपने सहज अभिनय से न सिर्फ अमर बना दिया बल्कि आगे की पीढ़ी की अभिनेत्रियों के लिए उदाहरण के रूप में पेश किया। इसके बाद श्रीदेवी को रोकना बहुत मुश्किल था। उन्होंने इसी वर्ष एक और ब्लॉकबस्टर फिल्म 'चांदनी' दी। एक ही फिल्म में चुलबुलापन, भावुक किरदार सभी कुछ एकसाथ बखुबी पेश करने के लिए श्रीदेवी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार के लिये नामांकित किया गया था। 
 
चांदनी के बाद उनकी सफल फिल्म थी वर्ष 1991 में प्रदर्शित हुई 'लम्हें'। इस फिल्म में भी श्रीदेवी ने दोहरी भुमिका निभाई थी। उन्होंने इस बार मां और बेटी की भुमिका निभाई थी। सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के साथ उनकी फिल्म 'खुदागवाह' में श्रीदेवी ने फिर से दोहरी भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने अपने फेवरेट को-एक्टर और देवर अनिल कपूर के साथ फिल्म 'जुदाई' की जो जबर्दस्त हिट रही थी। फिल्म 1997 में रिलीज़ हुई थी, वहीं 1996 में श्रीदेवी ने निर्माता-निर्देशक बोनी कपूर से शादी कर ली थी। 
 
अनिल कपूर के साथ श्रीदेवी ने कई फिल्में की और दोनों को साथ में काफी सराहा गया। वहीं श्रीदेवी ने शादी अनिल के बड़े भाई बोनी से की। अनिल के अलावा श्रीदेवी को जितेन्द्र के साथ भी बहुत पसंद किया जाता था। श्रीदेवी फिल्मों से दूर हुई और परिवार संभाला लेकिन वर्ष 2012 में उन्होंने फिल्म 'इंग्लिश विंग्लश' से वापसी की और जबर्दस्त सक्सेस पाई। इसके बाद वे सीधे वर्ष 2018 में फिल्म 'मॉम' में नजर आई, जो उनकी आखिरी फिल्म के तौर पर मानी जाती है। हमेशा से सुपरस्टार बनी रहने वाली श्रीदेवी इस फिल्म के लिए भी राष्ट्रीय पुरस्कार, फिल्म फेयर पुरस्कार जैसे कई पुरस्कारों से सम्मानित हुईं। 
 
हालांकि शाहरुख खान की फिल्म 'ज़ीरो' में उनका एक कैमियो रोल हैं। ऐसे में यह फिल्म उनकी आखिरी फिल्म मानी जा सकती है। सिर्फ अभिनय ही नहीं उन्होंने अपनी अदाओं, डांस, खूबसूरत आवाज़ और फैशन से भी सभी को अपना दीवाना बना रखा था। दिलकश अदाओं वाली श्रीदेवी हमेशा से बाकी सभी एक्ट्रेसेस के लिए रोल मॉडल रही हैं। श्रीदेवी ने 24 फरवरी 2018 को दुबई में अपनी आखिरी सांसे ली। इस बुरी खबर से सिर्फ हिन्दी और दक्षिण सिनेमा ही नहीं, पूरी दुनिया सदमे में थी। श्रीदेवी ने भारतीय सिनेमा को अपनी एक्टिंग से बहुत  कुछ दिया और इस कॉन्ट्रिब्युशन को बॉलीवुड कभी नहीं भुल सकता। 
 
श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर भी फिल्मों में आ गई हैं। बॉलीवुड को उम्मीद है कि उन्हें जाह्नवी के रुप में एक और श्रीदेवी मिल रही है। श्रीदेवी को हिन्दी सिनेमा कभी नहीं भुला सकता।(वार्ता) 

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