हॉलीवुड के सबसे प्रतिष्ठित 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स का आयोजन डॉल्बी थिएटर में संपन्न हुआ। इस साल का समारोह जहां माइकल बी. जॉर्डन और जेसिका बकली की जीत के लिए याद किया जाएगा, वहीं 'इन मेमोरियम' सेगमेंट ने भारतीय प्रशंसकों को भावुक और थोड़ा निराश भी कर दिया।
समारोह का सबसे भावुक क्षण 'इन मेमोरियम' सेगमेंट रहा। इस सेगमेंट में 2025-26 में दुनियाभर के दिवंगत कलाकरों को श्रद्धांजलि दी गई। लेकिन यह भारतीय फैंस के लिए थोड़ा निराशाजनक रहा। नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कह देने वाले बॉलीवुड के लीजेंडरी अभिनेता धर्मेंद्र को ऑस्कर के मुख्य प्रसारण में श्रद्धांजलि नहीं दी गई।
फैंस को उम्मीद थी कि 300 से अधिक फिल्मों और 65 साल लंबे करियर वाले इस 'ही-मैन' को वैश्विक मंच पर सम्मान मिलेगा, खासकर तब जब हाल ही में संपन्न BAFTA 2026 में उन्हें विशेष रूप से याद किया गया था। सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे भारतीय सिनेमा का अपमान बताया है।
भले ही धर्मेंद्र मुख्य वीडियो मोंटाज से गायब थे, लेकिन एकेडमी की आधिकारिक 'इन मेमोरियम' डिजिटल गैलरी और कुछ विशेष उल्लेखों में भारतीय सिनेमा के दिग्गजों को जगह मिली। धर्मेंद्र डिजिटल गैलरी और ऑनलाइन ट्रिब्यूट लिस्ट में शामिल थे।
इसके अलावा 'भारत कुमार' के नाम से प्रसिद्ध दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार, दक्षिण भारतीय और हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री बी. सरोजा देवी, तेलुगु सिनेमा के दिग्गज अभिनेता कोटा श्रीनिवास राव और नितिन चंद्रकांत देसाई का नाम शामिल है।
ऑस्कर ने मुख्य सेगमेंट में रॉब रेनर, डायने कीटन, कैथरीन ओ'हारा और रॉबर्ट रेडफोर्ड जैसे सितारों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। बारबरा स्ट्रीसंड ने अपने को-स्टार रॉबर्ट रेडफोर्ड के लिए एक विशेष संगीतमय प्रस्तुति भी दी।
भारत के लिए और क्या रहा खास?
इस साल ऑस्कर में भारत की मौजूदगी प्रियंका चोपड़ा जोनास के रूप में दिखी, जिन्होंने 'बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म' का पुरस्कार जेवियर बार्डेम के साथ मिलकर प्रेजेंट किया। वहीं, भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्माता गीता गांधबीर की दो फिल्में नामांकित थीं, हालांकि वे पुरस्कार जीतने में सफल नहीं रहीं।