ब्रसेल्स। कोरोना वायरस महामारी ने यूरोप में वृद्धाश्रमों पर भी गहरा प्रभाव डाला है। संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद जारी बंदिशों के कारण यहां रहने वाले बुजुर्ग निराशा और अलग-थलग जीवन गुजार रहे हैं और हालात ऐसे हैं कि वो किसी से मिल भी नहीं सकते। संक्रमण न फैले इसलिए अपने परिवारों से दूर वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों को यह डर भी सता रहा है कि अकेलेपन से कहीं उनकी जान न चली जाए।
मार्च के मध्य में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के बाद से बेल्जियम में उन्होंने 120 लोगों के आश्रय स्थल में इस तरह की 13 मौतें देखी हैं। सारी मौतें सीधे तौर पर महामारी से नहीं जुड़ी हैं क्योंकि बहुत कम ही जांच हुई। बेल्जियम में आधिकारिक तौर पर कोरोना वायरस से 5,453 लोगों की मौत हुई है। मौत के शिकार इनमें से 2,772 लोग सेवानिवृत्ति के बाद वृद्धाश्रमों में रह रहे थे।
उन्होंने कहा कि किसी को भी नहीं देख पाना अंधेरा के समान है। सब अकेले हैं। ऐसे समय में आपको और डर लगता है। पहले मैं खाना खाने से पहले दोस्तों के घर जाता था। इस तरह समय गुजर जाता था, लेकिन अब तो सब बंद है...यहीं तक सिमट चुका हूं। बेल्जियम में इस पर भी विवाद चल रहा है कि लोगों को अपने बुजुर्ग रिश्तेदारों से मिलने के लिए कब इजाजत दी जाएगी।