साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित अध्ययन के प्रारंभिक परिणाम में कहा गया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि नैनोबॉडी तरल या ऐरोसोल दोनों रूपों में समान रूप से कारगर हैं, यानी ये सांस से लिए जाने पर भी प्रभावी हो सकती हैं।
अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) के अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इनमें से एनआईएच-कोवएनबी-112 नामक एंटीबॉडी ऐसी हैं, जो संक्रमण रोक सकती हैं और कोविड-19 संक्रमण के लिए जिम्मेदार सार्स-कोव-2 के स्पाइक प्रोटीन को काबू करने वाले वायरस के कणों का पता लगा सकती हैं।
नैनोबॉडी एक विशेष प्रकार की एंटीबॉडी होती हैं, जो कैमिलिड पशुओं में पाई जाती हैं। ऊंट, लामा और अल्पाका कैमिलिड पशु हैं। (भाषा)