जब भी याद आते हैं भारत - पाक विश्व कप मैचों के ये 5 किस्से तो हो जाते हैं रोंगटे खड़े

शुक्रवार, 14 जून 2019 (14:12 IST)
इंग्लैंड में खेले जाने वाले विश्व कप में  सबकी निगाहें 16 जून को ओल्ड ट्रेफर्ड, मैनचेस्टर में भारत और पाकिस्तान के महामुकाबले पर जा टिकी हैं ।यह तथ्य भी पूरी क्रिकेट बिरादरी जानती है कि विश्व कप में जब भी मुकाबले हुए हैं, उसमें भारत ने हमेशा पाकिस्तान को धूल चटाई है।
1975 से लेकर तक 1987 तक हुए विश्व कप के मुकाबलों में भारत और पाकिस्तान कभी भी आमने-सामने नहीं भिड़े। 2007 के विश्व कप में भी ये दोनों देश कोई मुकाबला नहीं खेले। 1992 से 2015 तक हुए विश्व कप मुकाबलों में भारत और पाकिस्तान की कुल 6 भिड़ंत हुई, जिसमें सभी मैचों में भारत विजयी रहा है। आइये, जानते हैं, भारत पाक मैच के 5 यादगार सनसनीखेज किस्से- 
 
1)- मियांदाद की मेंढक छलांग 
 भारत के लिए अगला मैच बेहद महत्वपूर्ण था जो सिडनी में पाकिस्तान के खिलाफ खेला गया। भारत ने यहां वर्ल्ड कप 1992 की पहली जीत हासिल की। पहले खेलते हुए भारत ने 216/7 का स्कोर बनाया और पाकिस्तान को 173 रनों पर ऑल आउट कर दिया।
 
इसके परिणाम से अधिक जावेद मियांदाद और किरण मोरे की मजाकिया झड़प के लिए याद किया जाता है। विकेटकीपर किरण मोरे की ओवर अपीलिंग के बाद मियांदाद चिढ़ गए। अंपायर से शिकायत के बाद एक गेंद पर रन लेने के बाद उन्होंने मोरे की नकल उतारी जिसमें वह मेंढक जैसे उछलते हुए नजर आए।
 
2)- वेंकटेशप्रसाद -सोहेल की जुबानी जंग
भारत और पाकिस्तान के बीच बेंगलुरु में खेला गया क्वार्टर फाइनल मैच बेहद रोमांचक रहा। 287 के लक्ष्य का पीछा करने उतरा पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी रही। आमिर सोहेल ने मैच के नाजुक वक्त पर वेंकटेश प्रसाद से उलझकर अपनी विकेट गंवा दी।
 
प्रसाद की गेंद पर चौका मारने के बाद सोहेल ने उन्हें इशारा किया कि वह गेंद फिर वहां मारेंगे। इसके बाद अगली ही गेंद पर प्रसाद ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया।यह किस्सा आज भी फैंस के दिलों में ताजा है।
 
3)-   99 में प्रेक्टिस मैच का तंज
यह किस्सा ज्यादातर लोगों को पता नहीं है। पाकिस्तान टीम के एक खिलाड़ी ने यह बयान दिया था कि भारत से होने वाला मैच प्रेक्टिस मैच की तरह होगा, क्योंकि फॉर्म के लिहाज से कागज पर टीम भारत से बेहतर थी। 228 रनों का पीछा करते हुए जब पाक के लगातार विकेट गिरे तो भारतीय फील्डर्स ने बार बार यह तंज कसा यह तो प्रेंक्टिस मैच है यार।
 
 
4)- 2003 में सचिन को जीवनदान देना पड़ा पाक को महंगा।
273 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने ताबड़तोड शुरुआत की। सचिन शोएब को और सहवाग वकार को  प्वाइंट पर छक्का मार चुके थे जो फैंस को अब तक याद हैं। 32 के स्कोर पर सचिन का एक मुश्किल कैच रज्जाक ने छोड़ा। अकरम रज्जाक से गुस्सा हो गए और कहा पता है तुमने किसका कैच छोड़ा है। इसके बाद सचिन ने मुड़कर नहीं देखा।
 
5)- 2011 में सहवाग ने की उमर की बत्ती गुल
2011 के सेमीफाइनल में सहवाग विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे।  टूर्नामेंट के बेहतरीन गेंदबाज उमर गुल पर वह लगातार प्रहार किए जा रहे थे। कप्तान अफरीदी ने गुल को एक जगह गेंद डालने की हिदायत दी। तो गुल ने जवाब में कहा कि जहां डाल रहा हुं वहां मार रहा है। गुल को सहवान ने एक ओवर में 5 चौके मारे। 

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