गुजरात में आगामी 26 अप्रैल को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव से पहले ही सत्ताधारी दल भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन राज्यभर में भाजपा के लगभग 700 उम्मीदवार निर्विरोध विजेता घोषित किए गए हैं। इस भारी सफलता को भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनावों के 'सेमीफाइनल' से पहले का एक दमदार ट्रेलर बताया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
3 नगर पालिकाओं पर भाजपा का कब्जा
मतदान होने से पहले ही भाजपा ने कड़ी, ऊंझा और गणदेवी जैसी महत्वपूर्ण नगर पालिकाओं में बहुमत हासिल कर सत्ता की कमान संभाल ली है। ऊंझा में 36 में से 22 सीटों पर और कड़ी में 28 सीटों पर भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। विपक्षी उम्मीदवारों द्वारा नाम वापस लेने या तकनीकी कारणों से नामांकन रद्द होने के चलते भाजपा को यह शुरुआती सफलता मिली है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष का 700 सीटों का दावा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि जिला पंचायत, तालुका पंचायत और नगर निगम को मिलाकर भाजपा कुल 700 सीटों पर बिना किसी प्रतिस्पर्धा के जीत हासिल कर चुकी है। उन्होंने विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य दलों के पास कोई स्पष्ट विजन नहीं है और वे मैदान में मजबूत उम्मीदवार उतारने में विफल रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप जनता ने भाजपा पर अटूट विश्वास जताया है।
विपक्ष द्वारा 'लोकतंत्र की हत्या' का आरोप
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने इस निर्विरोध जीत को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है। आप प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने सत्ता, पुलिस और लालच का दुरुपयोग कर विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर दबाव में नामांकन रद्द कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
26 अप्रैल को होगा महामुकाबला
700 सीटों के परिणाम स्पष्ट होने के बाद अब बाकी बची सीटों पर 26 अप्रैल को मतदान होगा। राज्य के 15 नगर निगमों (जिनमें अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट शामिल हैं), 84 नगर पालिकाओं और पंचायतों के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। इन सभी सीटों की मतगणना 28 अप्रैल को की जाएगी, जिस पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं।
Edited By : Chetan Gour