गुजरात राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों को प्रभावी ढंग से रोकने और उनकी जांच अधिक सूक्ष्मता से करने के लिए पुलिस तंत्र के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव किए गए हैं। इसके तहत अहमदाबाद ग्रामीण, सूरत ग्रामीण और राजकोट ग्रामीण सहित राज्य की कुल 9 रेंज के जिला पुलिस प्रमुखों को साइबर सुरक्षा से संबंधित विशेष और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
साइबर अपराधों की जांच को अधिक तेज और सटीक बनाने के उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) गगनदीप गंभीर द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। इस नए आदेश के अनुसार, राज्य की विभिन्न रेंज के अंतर्गत आने वाले साइबर क्राइम पुलिस स्टेशनों के पर्यवेक्षण (Supervision) की पूरी जिम्मेदारी अब संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) को सौंपी गई है। इस निर्णय से साइबर अपराधों की जांच प्रक्रिया अधिक गहन और प्रभावी बनेगी।
राज्य सरकार के गृह विभाग ने 14 मई, 2025 को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर यह कानूनी बदलाव किया था। राज्यपाल के आदेश से उप सचिव अनीता झुला द्वारा, 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023' की धारा 2 की उप-धारा (1) के खंड (u) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए, निर्दिष्ट जिलों के पुलिस अधीक्षक कार्यालयों को ही उनके कार्यक्षेत्र के लिए 'साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन' घोषित किया गया है।
9 रेंज और जिम्मेदार पुलिस अधीक्षकों की सूची
नए ढांचे के तहत जिन 9 रेंज के पुलिस अधीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनकी सूची इस प्रकार है:
पुलिस महानिरीक्षक के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सुपरविजन की जिम्मेदारी संभालने के बाद सभी संबंधित पुलिस अधीक्षकों को इसकी सूचना मुख्य कार्यालय (Headquarter) को देनी होगी। इस व्यवस्था से राज्य में साइबर अपराधों के खिलाफ कानून का क्रियान्वयन मजबूत होगा और पीड़ितों को त्वरित न्याय एवं सहायता मिल सकेगी। Edited by : Sudhir Sharma