Gujarat UCC News: गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। 17 मार्च 2026 को विशेष समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंप दी है। समिति द्वारा पिछले एक साल के अध्ययन और जन-परामर्श के बाद तैयार की गई इस रिपोर्ट के आधार पर, अब राज्य सरकार विधानसभा में चार अलग-अलग विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इससे राज्य में शादी, तलाक और संपत्ति जैसे कानूनों में एकरूपता आने की उम्मीद है।
पेश होंगे चार अलग-अलग विधेयक
इस विशेष समिति का गठन 4 फरवरी 2025 को किया गया था। पिछले एक वर्ष के दौरान, समिति ने राज्य भर में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, कानूनी विशेषज्ञों और आम जनता के साथ परामर्श कर उनके विचार एकत्रित किए थे। इस गहन अध्ययन के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार अब विधानसभा में चार अलग-अलग विधेयक (Bills) पेश करने की योजना बना रही है।
सभी के लिए समान कानून
यूनिफॉर्म सिविल कोड का मुख्य उद्देश्य भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के अनुसार सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित करना है। वर्तमान में विवाह, तलाक, गोद लेने की प्रक्रिया और संपत्ति के अधिकारों के लिए अलग-अलग धर्मों में अलग-अलग 'पर्सनल लॉ' (व्यक्तिगत कानून) प्रभावी हैं। UCC लागू होने से इन सभी विषयों पर हर धर्म के नागरिकों के लिए एक जैसा कानून लागू होगा, जिससे कानूनी समानता आएगी।
विधानसभा में हो सकती है तीखी बहस
यदि गुजरात में यह कानून लागू होता है, तो कोई भी व्यक्ति अपनी धार्मिक पहचान के आधार पर अलग कानूनी प्रावधानों का दावा नहीं कर सकेगा। हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि इस कानून से नागरिकों की व्यक्तिगत धार्मिक परंपराओं, मान्यताओं, खान-पान या पहनावे की आजादी पर किसी भी तरह का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे पर गरमागरम बहस देखने को मिल सकती है।