इंदौर में एक बार फिर से एलपीजी का संकट बढ़ गया है। इसके पीछे अक्षय तृतीया के बाद लगातार शादियों के मुहूर्त हैं। शादियों में सिलेंडर की डिमांड बढ़ गई है। जिन लोगों को एक से ज्यादा सिलेंडर चाहिए, उन्हें दिक्कत आ रही है। लोग शादी का हवाला देकर सिलेंडर मांग रहे हैं।
इतना ही नहीं, लोगों ने मेन्यू में कटौती करने के साथ ही मेहमानों की सूची भी छोटी कर दी है। दूसरी तरफ शादी वालों को कैटसर्स सिलेंडर मुहैया कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन वे 2 से ढाई हजार रुपए प्रति सिलेंडर वसूल रहे हैं। ऐसे में शादी वाले घरों में दिक्कतें हो रही हैं।
दरअसल, अक्षय तृतीया के बाद इंदौर में लगातार शादियों के मुहूर्त हैं। जिससे एलपीजी सिलिंडरों की मांग बढ़ गई है। लोग किसी भी तरह से सिलिंडरों की जुगाड़ कर लेना चाहते हैं।
25 और 26 अप्रैल को होगी डिमांड : हालांकि इंदौर में पहले की तरह सिलेंडर की दिक्कत नहीं है, लेकिन शादियों की वजह से दबाव बढ गया है। जिन लोगों को एक से ज्यादा सिलिंडर चाहिए, उन्हें परेशान होना पड रहा है। इधर 25 और 26 अप्रैल को मुहूर्त होने के कारण सैकड़ों शादियां तय हैं।
कार्ड का हवाला देकर मांग रहे सिलेंडर : शहर में हलवाइयों ने गैस सिलिंडर की व्यवस्था की जिम्मेदारी वर और वधु पक्ष पर डाल दी है। कलेक्टर कार्यालय के खाद्य विभाग में भी सिलिंडरों की मांग को लेकर 100 से ज्यादा आवेदन आए हैं, लेकिन अधिकारी लोगों को गैस एजेंसियों से संपर्क करने की सलाह दे रहे हैं। दूसरी ओर, गैस डिस्ट्रीब्यूटर के दफ्तरों में लोग शादी के कार्ड दिखाकर सिलिंडर की मांग कर रहे हैं। कई लोगों के घरों में 25 और 26 अप्रैल को शादी है और रसोई के लिए किसी को 8 तो किसी को 10 सिलेंडर चाहिए। लेकिन इतने सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं।
केटरर्स दे रहे, लेकिन लेंगे 2500 : इधर शहर केकई केटरर्स ने इसे कमाई का धंधा बना लिया है। वे दावा कर रहे हैं कि वे सिलिंडर उपलब्ध करा देंगे, वे प्रति सिलिंडर 2000 से 2500 रुपए तक वसूल रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं, हालांकि वे भट्टी के ऑप्शन पर जा रहे हैं।
Edited By: Naveen R Rangiyal