इंदौर में कार चार्जिंग के दौरान धमाका, गैस सिलेंडर भी फटे, एक ही परिवार के 7 लोग जिंदा जले

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

बुधवार, 18 मार्च 2026 (08:37 IST)
इंदौर के बंगाली चौराहे के पास बृजेश्वरी एनेक्स में देर रात भीषण आग लगने से 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। शुरुआती जांच में इलेक्ट्रिक गाड़ी की चार्जिंग के दौरान धमाके के बाद गैस सिलेंडरों में विस्फोट से आग फैलने की बात सामने आई है।

भयावह आग की वजह से मनोज पुगलिया के साथ ही विजय सेठिया, छोटू सेठिया, सुमन, सिमरन, राशि सेठिया और टीनू की मौत हो गई। हादसे में सौरभ पुगलिया, आशीष और हर्षित घायल हुए हैं।

हादसे के तुरंत बाद इंदौर के कमिश्नर संतोष सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा और निगम आयुक्त मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने सुबह तक आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था।

घर में रखे 4 सिलेंडर फटे

इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच के मुताबिक, घर के बाहर एक इलेक्ट्रिक गाड़ी चार्ज हो रही थी और चार्जिंग पॉइंट में धमाका हो गया। इसके बाद आग गाड़ी से घर तक फैल गई। यहां गैस की कई सिलेंडर रखे हुए थे। इससे 4 गैस सिलेंडरों में जोरदार विस्फोट हुए, जिसने पूरे मकान को आग की चपेट में ले लिया।

#WATCH | इंदौर, मध्य प्रदेश: पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने कहा, "...आग बड़ी तेजी से फैली। शुरुआती जांच के मुताबिक घर के बाहर एक इलेक्ट्रिक गाड़ी चार्ज हो रही थी और चार्जिंग पॉइंट में धमाका हो गया और वहां से आग घर में फैल गई...घर के अंदर 10 से ज़्यादा गैस टैंक भी रखे थे,… https://t.co/45z20SrCWR pic.twitter.com/gXlEzfgzdT

— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 18, 2026

बिजली बंद होने से नहीं खुले इलेक्ट्रिक लॉक

बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रिक लॉक में बिजली बंद होने से दरवाजे खुल नहीं पाए, जिस कारण परिवार के सदस्य बाहर नहीं निकल सके। पारिवारिक आयोजन के चलते कुछ रिश्तेदार भी घर में मौजूद थे, जिससे हादसे की त्रासदी और बढ़ गई।

क्या बोले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

घटनास्थल पर पहुंचे मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह घटना बहुत दुखद और चिंताजनक घटना है। आग EV के चार्जिंग पॉइंट से लगी, जो चिंता की बात है। हमने अधिकारियों से घटना की जांच के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाने को कहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाया जा सके। इसकी पूरी जांच कराई जाएगी।
edited by : Nrapendra Gupta

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