घरेलू हिंसा में भी नंबर वन बन रहा इंदौर, हजारों महिलाएं हो रहीं वायलेंस का शिकार, ये रिपोर्ट बता रही इंदौर का सच

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

शनिवार, 4 अप्रैल 2026 (12:50 IST)
महिला बाल विकास विभाग के वन स्टॉप सेंटर (सखी) ने ताजा आंकड़े जारी किए हैं। ये रिपोर्ट बताती है कि इंदौर में महिलाओं के खिलाफ अपराध का ग्राफ बढा है। रिपोर्ट कहती है कि पिछले 1 साल में हजारों महिलाएं अपनों के ही अत्‍याचार का शिकार होकर मदद मांगने के लिए थानों में पहुंची।

क्‍या महिला हिंसा की हकीकत? इंदौर में 5 हजार से ज्‍यादा घरेलू हिंसा के केस : इंदौर में अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच कुल 5266 महिलाएं मदद के लिए वन स्टॉप सेंटर पहुंचीं। हैरान करने वाली बात है कि इनमें से 5078 मामले घरेलू हिंसा के हैं। यानी शहर में हर 10 में से 9 महिलाएं घर की चारदीवारी के भीतर शारीरिक, मानसिक या आर्थिक प्रताड़ना का शिकार हो रही हैं।

हर महीने  550 केस : रिपोर्ट से सामने आया कि कई महीनों में पीड़ित महिलाओं की संख्या 450 से 550 के बीच रही है। हालांकि कुछ मामलों में प्रशासन और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद परिवार समझौते के लिए तैयार हो रहे हैं। कई बार तो समझौते के बाद भी हिंसा नहीं रूकती है। ऐसे में कुछ मामले कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में भी आ रहे हैं।

नवंबर में सबसे ज्‍यादा केस : बता दें कि इंदौर में नवंबर 2025 में सबसे ज्‍यादा 522 मामले दर्ज किए गए, जो पारिवारिक असंतुलन और मानसिक तनाव के बढ़ते स्तर को दर्शाते हैं। इसके अलावा दिसंबर में 457 और जनवरी 2026 में 465 मामले सामने आए। विभाग के लोगों का कहना है कि यह तो वही मामले हैं जो दर्ज हो पाए हैं। ऐसे कई मामले हैं जो बदनामी के चलते सामने नहीं आ पाते हैं।

कौन हो रहा सबसे ज्‍यादा शिकार : वन स्टॉप सेंटर की इस रिपोर्ट के मुताबिक हिंसा का शिकार होने वाली महिलाओं में सबसे ज्‍यादा शिक्षित और नौकरीपेशा महिलाएं हैं। इनमें नव-विवाहिताओं से लेकर बुजुर्ग महिलाएं तक अपने प्रति हिंसा के मामले लेकर आ रही है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

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