हाल ही में (15 मार्च 2026 को), सिक्किम और दार्जिलिंग के आसमान में एक बेहद अजीब और रहस्यमयी 'जेलीफिश' (Jellyfish) जैसी आकृति दिखाई दी थी। शाम के वक्त आसमान में तैरती इस चमकदार नीली-सफेद रोशनी को देखकर लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर इसे UFO (दूसरे ग्रह का यान) तक कहा जाने लगा।
जेलीफिश का आकार कैसे बना?
जब रॉकेट अंतरिक्ष की ऊंचाई पर पहुंचता है, तो उससे निकलने वाली गैसें (Exhaust Plumes) बहुत तेजी से फैलती हैं। सूर्यास्त के बाद जमीन पर अंधेरा होने के बावजूद, इतनी ऊंचाई पर सूरज की रोशनी मौजूद होती है। जब यह रोशनी उन फैलती हुई गैसों पर पड़ी, तो उन्होंने चमकते हुए जेलीफिश या छाते जैसा आकार ले लिया।