उन्होंने कहा , दो विकेट गंवाने के बाद पारी को संभालने पर बात हुई ताकि विकेट हाथ में रहने पर 11वें .12वें ओवर के बाद आने वाले बल्लेबाज तेजी से रन बना सकें ।हमने अपनी गलतियों से बहुत कुछ सीखा है। इस मैच से भी बल्लेबाजी ग्रुप के रूप में सीखेंगे।
उन्होंने कहा , जब रिंकू और वेंकटेश बल्लेबाजी कर रहे थे तब लक्ष्य 30 गेंद में 50 . 60 रन बनाना था । हम 15 ओवर तक सामान्य तरीके से खेलना चाहते थे और उसके बाद हाथ खोलने थे। हमें लगा था कि 170 . 180 का स्कोर अच्छा होगा लेकिन रिंकू और वेंकटेश ने आगे तक पहुंचा दिया।
रहाणे ने अपने गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा , हमारे पास तीन बेहतरीन स्पिनर है। बदकिस्मती से मोईन नहीं था लेकिन सनी (सुनील नारायण) और वरूण ने अच्छी गेंदबाजी की। वैभव और हर्षित ने भी बढिया प्रदर्शन किया। (भाषा)