×
SEARCH
Hindi
English
தமிழ்
मराठी
తెలుగు
മലയാളം
ಕನ್ನಡ
ગુજરાતી
समाचार
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
क्राइम
फैक्ट चेक
ऑटो मोबाइल
व्यापार
मोबाइल मेनिया
IPL 2025
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
मूवी रिव्यू
वेब स्टोरी
पर्यटन
आने वाली फिल्म
खुल जा सिम सिम
बॉलीवुड फोकस
आलेख
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
धर्म-संसार
एकादशी
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
शिरडी साईं बाबा
श्रीरामचरितमानस
आलेख
सनातन धर्म
लाइफ स्टाइल
वीमेन कॉर्नर
सेहत
योग
NRI
मोटिवेशनल
रेसिपी
नन्ही दुनिया
पर्यटन
रोमांस
साहित्य
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
रामशलाका
राशियां
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
चौघड़िया
धर्म संग्रह
इंदौर
मध्यप्रदेश
क्रिकेट
अन्य खेल
खेल-संसार
ज्योतिष 2025
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
चुटकुले
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
समाचार
IPL 2025
बॉलीवुड
धर्म-संसार
लाइफ स्टाइल
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
धर्म संग्रह
इंदौर
मध्यप्रदेश
क्रिकेट
ज्योतिष 2025
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
बाल गीत: क्यों न शामिल कर लें
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
ठंड में चिरैया उड़कर आई,
घुस गई घरों दुकानों में।
मफलर ओढ़ो स्वेटर पहनो,
बोली सबके कानों में।
मुझसे बोली दादाजी को,
गरम कोट सिलवा देना।
फटी जुराबें चप्पल उनकी,
आज नई मंगवा देना।
नए कांच भी लगवाना हैं,
खिड़की रोशन-दानों में।
दादीजी की हुई रजाई,
देखो बहुत पुरानी है।
घुसकर हवा बड़े छिद्रों से,
करती अब शैतानी है।
बूढ़ी दादी तो शामिल बस,
कुछ दिन की मेहमानों में।
घर का बूढ़ा नौकर श्यामू,
रोज कांपता थर-थर-थर।
उसे दिला क्यों न देते हो,
स्वेटर एक नया लाकर।
सुख देकर सुख पाओ लिखा है,
वेदों और पुराणों में।
बड़े बुजुर्ग बरगदों जैसे,
हमको छाया देते हैं।
अपने भीतर देखें, उनकी,
कितनी सुध हम लेते हैं।
क्यों न शामिल कर लें उनको,
हम अपने भगवानों में।
(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)
वेबदुनिया पर पढ़ें
समाचार
बॉलीवुड
ज्योतिष
लाइफ स्टाइल
धर्म-संसार
महाभारत के किस्से
रामायण की कहानियां
रोचक और रोमांचक
सम्बंधित जानकारी
बाल गीत : गुड़िया के क्या कहने
बाल गीत 'फल्ली मुनगा की'
हिन्दी कविता : अयोध्या में राम आए हैं
हिन्दी कविता : बड़ा ही दयालु है मुरली वाला
प्रभु श्रीराम पर हिन्दी कविता : मेरे राम आए हैं आंगन में
जरुर पढ़ें
नवरात्रि दुर्गा पूजा के फलाहार, जानें 9 दिनों के व्रत की रेसिपी
अप्रैल फूल डे 2025 से जुड़े 20 अनोखे और मजेदार फैक्ट्स जो आपको हैरान कर देंगे
गुड़ी पड़वा विशेष: गुड़ी पर क्यों चढ़ाते हैं गाठी/पतासे का हार, जानिए इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व
Chaitra navratri diet: नवरात्रि में कैसे रखें अपनी सेहत का ख्याल? जानें सही डाइट टिप्स
चैत्र नवरात्रि में घर के वास्तु दोष दूर करने के लिए करिए ये सरल उपाय, मां दुर्गा की बरसेगी कृपा
नवीनतम
बैठते या खड़े होते समय चटकती हैं पैरों की हड्डियां? जानिए इसके 5 बड़े कारण
ईद के इस चांद की तरह दमकता रहे आपका हर दिन, रब से बस यही दुआ मांगते हैं ईद के दिन... खास अंदाज में कहें ईद मुबारक
सुबह उठते ही लगती है तेज भूख? जानिए इसके 5 चौंकाने वाले कारण और राहत के उपाय
Gudi padwa Essay: गुड़ी पड़वा पर आदर्श निबंध हिन्दी में
गुड़ी पड़वा पर क्यों खाई जाती है कड़वी नीम और गुड़, जानिए सेहत को मिलते हैं क्या फायदे
ऐप में देखें
x