Lal Kitab Rashifal 2026: वर्ष 2026 कन्या राशि (Lion) वालों के लिए यह वर्ष बेहतर साबित हो सकता है बशर्ते कि वे किसी भी तरह से शनिदेव को संभाल लें क्योंकि आपकी कुंडली में शनि सप्तम भाव में गोचर कर रहा है। राहु और केतु क्रमश: छठे और बारहवें भाव में गोचर करके थोड़ी बहुत परिस्थिति बिगाड़ सकते हैं परंतु एकादश भाव का बृहस्पति इन सभी को शांत रखने की क्षमता रखता है। आपकी कुंडली में बृहस्पति और राहु की पोजीशन स्ट्रांग है। चलिए अब जानते हैं कन्या राशि का वार्षिक भविष्यफल विस्तार से।
वर्ष 2026 में मुख्य 4 ग्रहों की गोचर स्थिति (2026):-
बृहस्पति गोचर: जून महीने तक बृहस्पति आपके दशम भाव में में रहकर दूसरे, चौथे और छठे भाव पर दृष्टि डालेंगे। हालांकि दृष्टि से यह गोचर सही है परंतु दशम भाव का गुरु शापित माना गया है जो पितृ दोष निर्मित करता है। जून में बृहस्पति का ग्यारहवें भाव में प्रवेश होगा। यह गोचर आपकी आर्थिक स्थिति और सामाजिक जीवन दोनों के लिए काफी लाभदायक रहेगा। यह दांपत्य जीवन, प्रेम संबंध और संतान पक्ष के लिए भी लाभदायक है। अक्टूबर में गुरु का दूसरा गोचर होगा। इस दौरान गुरु बारहवें भाव में प्रवेश करेंगे। यह खर्चे बढ़ाने वाला जरूर रहेगा लेकिन नौकरी और व्यापार में तरक्की देगा।
शनि देव: शनि देव पूरे साल आपकी कुंडली के सातवें भाव में स्थित रहेंगे। यह शनि दांपत्य जीवन और साझेदारी के कारोबार पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यह नौकरी में सहकर्मियों के साथ संबंधों को बिगाड़ भी सकता है। यह किसी प्रकार के रोग को भी जन्म दे सकता है। सप्तम के शनि के चलते दिलो दिमाग में एक अजीब सी घबराहट रह सकती है। हालांकि ये स्थिति चीजों को स्थिरता भी देगी, लेकिन कई बार कामों में देरी और रुकावट आ सकती हैं।
राहु: छाया ग्रह राहु आपकी कुंडली के छठवें भाव में है। यहां स्थित राहु हर समस्या या अनिष्ट का निवारण करता है। कहते हैं कि राहु जिसे तारे उसे कौन मारे और राहु जिसे मारे उसे कौन तारे? तो इस सवाल का जवाब है कि तारने वाला गुरु ही है। ये स्थिति नौकरी या करियर में मतभेद या गलतफहमियां पैदा कर सकती है लेकिन इसी के साथ राहु आपको अपने विरोधियों पर जीत दिलाने में भी मदद करेगा।