खाली स्टेडियमों में क्रिकेट मैच खेल निराशाजनक होगा : सचिन तेंदुलकर

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2020 (14:11 IST)
नई दिल्ली। जब वह क्रीज पर होते थे तो स्टेडियम में चारों तरफ से उनके नाम की गूंज सुनाई देती थी और यही वजह है कि सचिन तेंदुलकर को खाली स्टेडियमों में मैच कराने का विचार निराश कर देता है। कोविड-19 महामारी के कारण मैचों को खाली स्टेडियमों में खेलने पर विचार किया जा रहा है लेकिन इस दिग्गज बल्लेबाज के लिए यह एक विकल्प नहीं है। 
 
तेंदुलकर ने कहा, ‘खाली स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए निराशाजनक होगा। ऐसे कई मौके आते हैं जबकि खिलाड़ी दर्शकों की मांग के अनुसार खेलते हैं। अगर मैं अच्छा शॉट खेलता हूं और दर्शक उसकी सराहना करते हैं तो आपको भी ऊर्जा मिलती है।’ 
 
उन्होंने कहा, ‘इसी तरह से एक गेंदबाज शानदार स्पेल करता है और दर्शक उस पर तालियां बजाते हैं तो इससे बल्लेबाज पर एक तरह का दबाव बनता है और उसे उससे बाहर निकलना होता है।’ तेंदुलकर ने कहा, ‘दर्शक किसी भी खेल के अहम अंग हैं। उनका उत्साहवर्धन, आपके पक्ष में या खिलाफ उठने वाला शोर खेलों में बेहद जरूरी है।’ तेंदुलकर शुक्रवार को 47 साल के हो गए। 
 
जनजीवन सामान्य होने के बाद क्रिकेट जगत बदली हुई परिस्थितियों से कैसे सामंजस्य बिठाएगा, इस सवाल पर तेंदुलकर ने कहा, ‘जहां तक (गेंद को चमकाने के लिए) लार के उपयोग का सवाल है तो खिलाड़ी कुछ समय तक सतर्क रहेंगे। यह बात उनके दिमाग में रहेगी। जब तक यह घातक वायरस रहता है तब तक सामाजिक दूरी के नियमों का अनुकरण होना चाहिए।’ 
 
तेंदुलकर ने कहा, ‘अपने साथियों को गले लगाने से कुछ समय के लिए बचना होगा। मैं ऐसा चाहूंगा। वे सामाजिक दूरी बनाए रख सकते हैं।’ यही कारण है कि वह खेल गतिविधियां शुरू करने से पहले वह पूरी तरह सामान्य स्थिति चाहते हैं। 
 
तेंदुलकर ने कहा, ‘आप ऐसे माहौल में खेलना चाहते हैं जो सुरक्षित हो। मेरा अब भी मानना है कि हर किसी को सतर्क रहना होगा और इससे वाकिफ होना चाहिए कि हम किस चीज से प्रभावित रहे हैं। मैं यूनिसेफ के सदभावना दूत के रूप में अच्छी स्वच्छता का महत्व ही लोगों को बताता हूं।’ 
 
तेंदुलकर को क्रिकेट देखना पसंद है चाहे वह किसी भी प्रारूप में हो लेकिन वे तभी खेल चाहते हैं जबकि बीसीसीआई और सरकार पूरी तरह से आश्वस्त हो कि खेल से जुड़े हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित है। उन्होंने कहा, ‘मैंने इस पर बहुत विचार किया कि यहां विश्व कप का आयोजन होना चाहिए या आईपीएल होना चाहिए। इस बारे में मैं नहीं जानता।’ 
 
तेंदुलकर ने कहा, ‘इस वायरस को हराना प्राथमिकता है और उसके बाद कई चीजों पर चर्चा की जा सकती है। अगर हम इससे पार पा जाते हैं तो ऐसी चीजों पर चर्चा करने में कोई हर्ज नहीं।’ तेंदुलकर इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं कि आईपीएल अक्टूबर में हो सकता है या नहीं। उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं जानता कि इस समय में कितने दिन खाली मिलेंगे और क्या उस दौरान आईपीएल आयोजित हो सकता है।’ (भाषा)

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