चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर बीसीसीआई को लगा झटका

मंगलवार, 2 मई 2017 (22:37 IST)
मुंबई। चैंपियंस ट्रॉफी में भागीदारी को लेकर धर्मसंकट में फंसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को मंगलवार को उस समय एक और झटका लगा, जब प्रशासकों की समिति (सीओए) ने बीसीसीआई अधिकारियों को उससे बिना पूछे आईसीसी से कोई संपर्क नहीं करने की हिदायत दे दी।
         
बीसीसीआई ने रविवार को अपनी विशेष आम बैठक बुलाई है, जिसमें दुबई में हाल में आईसीसी बोर्ड बैठक में भारतीय बोर्ड को राजस्व मॉडल और प्रशासनिक सुधार को लेकर मिली पराजय के बारे में सदस्यों को अवगत कराकर उनकी राय ली जाएगी तथा एक जून से इंग्लैंड में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी में भागीदारी को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।
         
इस महत्वपूर्ण बैठक से पहले बीसीसीआई ने मंगलवार को जल्दबाजी में अपने सदस्यों की कॉन्‍फ्रेंस कॉल आयोजित की और इस बारे में उनकी राय मांगी। आखिरी समय में बुलाई गई इस कॉन्‍फ्रेंस में सदस्यों से एमपीए तोड़ने को लेकर राय मांगी गई थी, ताकि आईसीसी में उसके खिलाफ हुए मतदान का विरोध जताया जा सके।  
        
उल्लेखनीय है कि बीसीसीआर्इ अपने सदस्य संघों के समर्थन से सदस्य भागीदारी समझौता (एमपीए) को रद्द करने की योजना बना रहा है, ताकि 2017 से 2023 तक आईसीसी के सभी टूर्नामेंटों से नाम वापस लिया जा सके। हालांकि इस कॉन्‍फ्रेंस कॉल में बोर्ड के सदस्यों की भागीदारी काफी असहयोगात्मक रही जिसमें कई सदस्यों ने हिस्सा ही नहीं लिया जबकि करीब 10 सदस्य संघों ने चैंपियंस ट्रॉफी से हटने के प्रस्ताव का समर्थन किया।
       
कॉन्‍फ्रेंस कॉल में हिस्सा लेने वाले एक सदस्य ने कहा, अधिकतर सदस्य इस कॉन्‍फ्रेंस कॉल से नहीं जुड़े। कुछ लोगों की कॉल तो बीच में ही कट गई। यह कॉन्‍फ्रेंस कॉल अचानक ही हुई थी और सदस्यों को इसका एजेंडा भी पता नहीं था।
        
इस बीच समझा जाता है कि सीओए का नेतृत्व कर रहे विनोद राय ने बीसीसीआई सदस्यों द्वारा बुलाई गई इस कॉन्‍फ्रेंस कॉल पर आपत्ति जताई है और भविष्य में आईसीसी से जुड़े किसी भी मसले पर सर्वोच्‍च अदालत द्वारा नियुक्त सीओए की इजाज़त के बिना कोई कदम नहीं उठाने की हिदायत दी है। (वार्ता)
 

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