भारत की निगाहें अब वाइटवाश की ओर कदम बढ़ाने पर

बुधवार, 27 सितम्बर 2017 (14:15 IST)
बेंगलुरू। भारतीय टीम कल जब यहां चौथे एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मुश्किलों में घिरी ऑस्ट्रेलियाई टीम से भिड़ेगी तो उसकी आक्रामकता में कोई कमी नहीं आएगी क्योंकि उसकी निगाहें एक और सीरीज में वाइटवाश के करीब पहुंचने पर लगी हैं।
 
कप्तान विराट कोहली की टीम इस समय स्वप्निल दौर से गुजर रही है और एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में कल के ट्रेनिंग सत्र में खिलाड़ियों को जज्बे को संकेत माना जाए तो उनकी विजयी लय जारी रखने की उम्मीद है।
 
भारत ने पहले तीन मैचों में जीत दर्ज कर पांच मैचों की सीरीज में अजेय बढ़त बना ली जिससे अब मेहमान टीम पर सीरीज में वाइटवाश होने का खतरा मंडरा रहा है।
 
कोहली और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी लगातार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं जबकि हार्दिक पंड्या के आल राउंडर के तौर पर बढ़ते स्तर से टीम को नया आयाम मिला है।
 
पंड्या ने पहले वनडे में 83 रन की आक्रामक पारी खेलने के बाद इंदौर में पिछले मैच में 78 रन की पारी खेली जिससे भारत ने 294 रन के लक्ष्य का आसानी से पीछा कर 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे ने भी अपनी भूमिका बेहतर ढंग से अदा की, दोनों ने अर्धशतक जड़कर पहले विकेट के लिए 131 रन की भागीदारी निभाई।
 
अगर जरूरत पड़ी तो भारत के लिये केदार जाधव और मनीष पांडे जैसे खिलाड़ी भी बल्ले से शानदार खेल दिखा सकते हैं, हालांकि कल के मैच में इनमें से किसी एक को स्थानीय खिलाड़ी लोकेश राहुल के लिए जगह बनानी होगी।
 
बल्लेबाजी हमेशा ही भारतीय टीम की मजबूती रही है, लेकिन टीम गेंद से भी प्रभावित करना जारी रखेगी। तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमरा ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम को परेशान कर रहे हैं और डेथ ओवरों में उन्होंने अन्य खिलाड़ियों को भी मुश्किल में डाला।
 
वहीं युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की युवा कलाई स्पिन जोड़ी ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है जिससे भारत को कहीं भी रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा की कमी नहीं महसूस हुई।
 
यादव ने कोलकाता में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को चकमा देकर हैट्रिक बनाई और वह इस उपलब्धि से कपिल देव और चेतन शर्मा की सूची में शामिल हो गए। इस भारतीय बल्लेबाजी लाइन अप की सबसे अच्छी चीज यह है कि प्रत्येक बल्लेबाज मुश्किल में टीम के लिए योगदान करने में कामयाब रहा है। सीरीज के शुरुआती मैच में जब शीर्ष क्रम विफल हो गया था तो मध्य और निचले क्रम ने टीम को सुरक्षित स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि तीसरे वनडे में दोनों ही क्रम सफल रहे।
 
पंड्या अपने आल राउंड प्रदर्शन से सुर्खियों में बने हुए हैं और वह फिर से प्रतिद्वंद्वियों के लिए खतरा होंगे।
 
एशेज से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम निश्चित रूप से भारत के खिलाफ इन अंतिम दो मुकाबलों में लय हासिल करना चाहेगी। हालांकि यह इस समय काफी मुश्किल लगता है लेकिन फिर भी वे जानते हैं कि एशेज से पहले फार्म में वापसी करना काफी जरूरी है।
 
ऑस्ट्रेलिया को अपनी सरजमीं से बाहर लगातार 11 वनडे में हार मिली है जिसमें दो मुकाबले बारिश की भेंट भी चढ़ गये और इसमें आठ में उसे दक्षिण अफ्रीका और भारत से हार मिली है।
 
उन्होंने पिछले 14 में से पांच टेस्ट में जीत दर्ज की जिसमें से तीन जीत पाकिस्तान पर 3-0 की क्लीन स्वीप से मिली।
 
हालांकि ऑस्ट्रेलियाई टीम आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम को रोकने के लिए रणनीति ढूंढने में जूझ रही है और उनके लिए सबसे बड़ी चिंता बिग हिटर ग्लेन मैक्सवेल की असफलता है।
 
ऑस्ट्रेलिया उम्मीद करेगी कि कप्तान स्टीफन स्मिथ और सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर बचे हुए मैचों में आक्रामकता जारी रखें। मैच के दिन बारिश आने की संभावना है लेकिन खेल प्रेमी उम्मीद करेंगे कि बारिश दूर ही रहे।
 
टीमें इस प्रकार हैं: भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, मनीष पांडे, केदार जाधवन, महेंद्र सिंह धोनी, हार्दिक पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमरा, उमेश यादव, मोहम्मद शमी, रविंद्र जडेजा और लोकेश राहुल।
 
ऑस्ट्रेलिया : स्टीवन स्मिथ (कप्तान), डेविड वार्नर, हिल्टन कार्टराइट, ट्रेविस हेड, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, मैथ्यू वेड, एशटन एगर, केन रिचर्डसन, पैट कमिंस, नाथन कूल्टर नाइल, आरोन फिंच, पीटर हैंड्सकोंब, जेम्स फॉकनर और एडम जम्पा। (भाषा)

वेबदुनिया पर पढ़ें

सम्बंधित जानकारी