टी-20 विश्वकप में नामिबिया के मैच में संजू सैमसन को मौका भी तब मिला था जब अभिषेक शर्मा का पेट खराब था। नामिबिया के मैच में 3 छक्के मारने के बाद अपना विकेट गंवाने वाले संजू सैमसन को चेन्नई के मैदान में मौका मिला।लेकिन यहां भी वह 15 गेंदों में 24 रन बनाकर आउट हो गए। ऐसा लग रहा था कि टीम प्रबंधन उन पर जबरन दांव लगा रहा है।
लेकिन सैमसन ने रविवार को यहां खेले गए सुपर आठ के मैच में 50 गेंदों में 97 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और चार छक्के शामिल हैं। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने जीत हासिल करके सेमीफाइनल में जगह बनाई।
हालांकि संजू सैमसन का हालिया फॉर्म कुछ खास नहीं रहा था। अपनी निर्भीक बल्लेबाजी के लिए मशहूर सैमसन न्यूजीलैंड श्रृंखला में रन बनाने के लिए जूझ रहे थे। सैमसन को न्यूजीलैंड के खिलाफ पूरी श्रृंखला खेलने का मौका मिला, लेकिन पांच पारियों में उनका स्कोर 10, 6, 0, 24, 6 रहा जिसके बाद आलोचकों ने उनके करियर के अंत की भविष्यवाणी कर दी थी।
भारत के लिए 60 टी20 मैचों में 26 की औसत और 151 के स्ट्राइक रेट से 1221 रन बनाए हैं जिसमें तीन शतक भी शामिल हैं। सैमसन ने भारत के लिए अपना पहला टी20 एक दशक पहले यानी 2015 में ही खेल लिया था, लेकिन उनकी अनिरंतरता उनका स्थान पक्का नहीं कर पा रही थी।
एशिया कप से पहले पिछली 10 टी20 पारियों में उनका प्रदर्शन अद्भुत रहा था, सैमसन ने इस दौरान 42 की औसत और 188.05 के बेमिसाल स्ट्राइक रेट से 378 रन बनाए थे।लेकिन एशिया कप में उपकप्तान शुभमन गिल को सलामी बल्लेबाज के तौर पर खिलाने के चलते उनको काफी नीचे बल्लेबाजी करनी पड़ी।
Last time Sanju Samson scored a hundred, he got out on duck in next match.
So Sanju Samson deliberately didn't score a hundred this time.
इसका नतीजा यह हुआ कि वह अपना नैसर्गिक खेल नहीं खेल पाए और पूरे एशिया कप में सिर्फ 132 रन ही बना पाए। इसमें से ओमान के खिलाफ संजू सैमसन ने एक पचास जड़ा लेकिन इसका स्ट्राइक रेट प्रभावी नहीं था।
बाहरी आवाज को थामने के लिए किया सोशल मीडिया बंद
भारत के सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने फोन और सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए ताकि खराब फॉर्म के दौर में भी उनका आत्मविश्वास न डगमगाए और आखिर में उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 विश्व कप के करो या मरो मैच में मैच विजेता पारी खेलकर लय हासिल कर ली।
सैमसन ने जीत के बाद प्रसारणकर्ता से कहा, मैंने अपने शॉट चयन पर लगातार काम किया। मैं बहुत अधिक बदलाव नहीं करना चाहता था क्योंकि मुझे पता था कि मैंने उसी तरह से खेलते हुए पहले अच्छा प्रदर्शन किया है। इसलिए मैंने खुद पर भरोसा बनाए रखा, अपना फोन बंद कर दिया, सोशल मीडिया से दूर रहा और अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी। मुझे खुशी है कि मैंने एक ऐसे मैच में अच्छा प्रदर्शन किया जो बहुत खास था।